October 18, 2026


: गौवंश मामले में दोषियों पर हो सख्त कार्रवाई: जामा मस्जिद कमेटी

एसपी को सौंपा ज्ञापन, सामाजिक सद्भाव बनाए रखने पर दिया जोर

राजनांदगांव :- शहर के गौरीनगर में गौवंश हत्या के मामले को लेकर जामा मस्जिद इंतेजामिया कमेटी ने कड़ा रुख अपनाया है। कमेटी ने पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपकर मामले में निष्पक्ष जांच, दोषियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने की मांग की। कमेटी ने स्पष्ट किया कि कुछ असामाजिक तत्वों के कृत्य से पूरे समाज की छवि धूमिल होती है जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

शहर के गौरीनगर मोहल्ले में सामने आए गौवंश हत्या के मामले को लेकर जामा मस्जिद इंतेजामिया कमेटी राजनांदगांव ने सख्त रुख अपनाया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए कमेटी के पदाधिकारियों ने पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपकर घटना में शामिल दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। कमेटी ने कहा कि किसी भी व्यक्ति को ऐसा कृत्य करने का अधिकार नहीं है जिससे धार्मिक भावनाएं आहत हों और शहर की सामाजिक सद्भावना प्रभावित हो। ज्ञापन में कमेटी ने कहा कि गौरीनगर में गौवंश से संबंधित घटना की खबरें लगातार समाचार पत्रों में प्रकाशित हो रही हैं। इस घटना से शहर में आक्रोश का माहौल है और मुस्लिम समाज भी इससे आहत है। कमेटी का कहना है कि कुछ असामाजिक तत्वों की हरकतों के कारण पूरे समाज को बदनामी का सामना करना पड़ता है, जबकि किसी भी समाज का अधिकांश हिस्सा अमन, शांति और आपसी भाईचारे के पक्ष में रहता है। कमेटी ने स्पष्ट किया कि इस मामले में शामिल लोगों के खिलाफ किसी भी प्रकार की नरमी नहीं बरती जानी चाहिए। पुलिस प्रशासन को मामले की गंभीरता से जांच कर वास्तविक दोषियों को चिह्नित करना चाहिए और उनके विरुद्ध कानून के अनुसार कठोर कार्रवाई करनी चाहिए। साथ ही, यह भी जरूरी है कि जांच के दौरान तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर ही कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि निर्दोष व्यक्तियों को परेशानी का सामना न करना पड़े। जामा मस्जिद इंतेजामिया कमेटी ने अपने ज्ञापन में कहा कि राजनांदगांव संस्कारधानी के रूप में अपनी अलग पहचान रखता है। शहर की परंपरा आपसी सद्भाव, भाईचारे और सभी धर्मों के सम्मान की रही है। इस सामाजिक परंपरा को बनाए रखना प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है। कमेटी ने कहा कि उनका उद्देश्य किसी भी धर्म, धार्मिक आस्था या समाज की भावनाओं को ठेस पहुंचाना नहीं है। बल्कि सभी धर्मों का सम्मान करते हुए शहर में शांति, सद्भाव और एकता का वातावरण बनाए रखना उनकी प्राथमिकता है। ऐसी घटनाएं समाज के बीच अविश्वास और तनाव पैदा कर सकती हैं इसलिए जरूरी है कि सभी जिम्मेदार नागरिक शांति बनाए रखने में अपनी भूमिका निभाएं। कमेटी ने अपने रुख को स्पष्ट करते हुए कहा कि मामले में चिह्नित किए गए और दोषी पाए जाने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध सामाजिक स्तर पर भी कार्रवाई की जाएगी। ज्ञापन में कहा गया कि ऐसे लोगों को समाज से बेदखल करने के लिए मुस्लिम समाज संकल्पित है। कमेटी का मानना है कि समाज में अमन-चैन कायम रखने के लिए असामाजिक गतिविधियों में शामिल लोगों के प्रति सख्त रुख अपनाना आवश्यक है। इसके साथ ही कमेटी ने पुलिस प्रशासन से आग्रह किया कि मामले की संवेदनशीलता को ध्यान में रखते हुए जांच में तेजी लाई जाए तथा दोषियों के खिलाफ कानून के अनुरूप कठोर कार्रवाई की जाए। प्रशासन को यह भी सुनिश्चित करना चाहिए कि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो और शहर में सामाजिक सौहार्द बना रहे। जामा मस्जिद इंतेजामिया कमेटी ने कहा कि किसी भी घटना को लेकर कानून अपने हाथ में लेने के बजाय पुलिस और प्रशासन के माध्यम से न्याय की मांग की जानी चाहिए। शहर की शांति और आपसी भाईचारा बनाए रखना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। कमेटी ने उम्मीद जताई कि पुलिस प्रशासन मामले की निष्पक्ष जांच कर उचित कार्रवाई करेगा, जिससे लोगों का कानून-व्यवस्था पर विश्वास कायम रहे। ज्ञापन सौंपने के दौरान जामा मस्जिद इंतेजामिया कमेटी के सदर एवं मुतवल्ली रईस अहमद शकील सहित कमेटी के अन्य पदाधिकारी और सदस्य उपस्थित रहे। कमेटी ने पुलिस प्रशासन से मामले में प्रभावी कार्रवाई करते हुए शहर में शांति, सद्भाव और सामाजिक एकता बनाए रखने की दिशा में आवश्यक कदम उठाने की मांग की।



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