किरंदुल : 500 वर्षों से भी अधिक अवधि की संघर्षो, पूर्वजों के बलिदानों, त्याग, तपस्या के पश्चात आज तीनों लोकों के स्वामी और भारतीय संस्कृति के गौरव मर्यादा पुरुषोत्तम श्री रामचन्द्र जी की बाल स्वरूप नूतन विग्रह की स्थापना अयोध्याजी के नवनिर्मित भव्य एवं दिव्य मन्दिर में विराजित कर प्रधानमंत्री जी की यजमानी में प्राण प्रतिष्ठा किया गया।
भारतवर्ष के साथ ही साथ समूचे विश्व के समस्त सनातनी आज हर्षित एवं गौरान्वित हैं।इस सुअवसर पर लौहनगरी किरंदुल के केंद्रीय विद्यालय के कक्षा दसवीं में अध्ययनरत छात्रा अनन्या यादव ने हर्षित होकर अयोध्या के दिव्य मन्दिर और प्रभु श्री रामचन्द्र जी की आकर्षक छबि कैनवास पर उकेरी है और भगवान के चरणों में सादर अर्पित की है। अनन्या की माता सरोज यादव शासकीय अस्पताल में लैब टेक्नीशियन तथा पिता राजेंद्र यादव एनएमडीसी किरंदुल परियोजना में कार्यरत हैं।