राजनांदगांव : त्योहारों के मौसम में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता को लेकर खाद्य एवं औषधि प्रशासन सतर्क हो गया है। मिठाइयों के साथ अब पैकेज्ड नूडल्स की गुणवत्ता पर भी निगरानी रखी जा रही है। पिछले दिनों पैकेज्ड पनीर और डेयरी के दूध में सीसे की अधिक मात्रा मिलने के बाद विभाग ने जांच तेज कर दी है। पिछले एक सप्ताह में शहर की कई दुकानों से नूडल्स के नमूने लेकर जांच के लिए भेजे गए हैं। इनमें कुछ बड़े ब्रांड के उत्पाद भी शामिल हैं।
खाद्य एवं औषधि प्रशासन के अभिहित अधिकारी तरुण बिरला ने बताया कि नूडल्स के नमूनों की जांच कराई जा रही है। इनमें गैरअनुमत रंगों के इस्तेमाल की आशंका को ध्यान में रखते हुए नमूने लिए गए हैं। विशेष रूप से मेटानिल येलो जैसे रंगों के उपयोग की जांच की जा रही है। यह रंग कागज और कपड़ों को रंगने में इस्तेमाल होता है और खाद्य पदार्थों में इसका उपयोग स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकता है। हालांकि, नमूनों की जांच रिपोर्ट आने के बाद ही उत्पादों की गुणवत्ता को लेकर स्थिति स्पष्ट होगी।
डोंगरगढ़ मेले की 21 दुकानों की जांच
इधर, क्वार नवरात्र के दौरान मां बम्लेश्वरी के दर्शन के लिए डोंगरगढ़ पहुंच रहे श्रद्धालुओं को सुरक्षित खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराने के लिए विभाग ने मेला क्षेत्र में भी जांच अभियान चलाया। खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने होटल, रेस्टोरेंट, मिठाई दुकानों, चाट-समोसा ठेलों, प्रसाद केंद्रों और पेय पदार्थों के स्टाल सहित 21 खाद्य प्रतिष्ठानों का औचक निरीक्षण किया। विभाग के अनुसार, मेले के दौरान खाद्य पदार्थों की लगातार निगरानी की जा रही है और संदेहास्पद सामग्री के नमूने भी लिए जा रहे हैं।
खुले खाद्य पदार्थ ढंककर रखने के निर्देश
निरीक्षण के दौरान दुकानदारों को मिठाई, जलेबी, चाट और अन्य खुले खाद्य पदार्थ ढंककर रखने के निर्देश दिए गए। पेय पदार्थों में स्वच्छ पेयजल और खाद्य-ग्रेड बर्फ का उपयोग करने के साथ कर्मचारियों को साफ कपड़े, एप्रन, टोपी और दस्ताने पहनने की हिदायत दी गई। तलने के तेल का बार-बार इस्तेमाल करने से बचने, केवल अनुमत खाद्य रंगों का निर्धारित मात्रा में उपयोग करने और अखबार में खाद्य पदार्थ नहीं परोसने के निर्देश भी दिए गए। दुकानों में ढक्कनदार कूड़ेदान रखने और स्वच्छता बनाए रखने पर जोर दिया गया।