राजनांदगांव: वनांचल क्षेत्र में इस बार तेंदूपत्ता की गुणवत्ता बेहतर रहने के बावजूद संग्रहण लक्ष्य हासिल करना मुश्किल नजर आ रहा है। भीषण गर्मी, जंगलों में हिंसक जंगली जानवरों की मौजूदगी और कई क्षेत्रों में पत्तों की कम उपलब्धता के कारण अब तक कुल लक्ष्य का 78.88 प्रतिशत ही संग्रहण हो पाया है। वन विभाग और यूनियन के अधिकारियों के मुताबिक 80,800 मानक बोरा लक्ष्य के मुकाबले अब तक 63,732 मानक बोरा तेंदूपत्ता का संग्रहण किया गया है, जिसकी कीमत 35 करोड़ पांच लाख रुपये से अधिक आंकी गई है।
गौरतलब है कि अविभाजित राजनांदगांव जिले की 51 समितियों में इस वर्ष तेंदूपत्ता संग्रहण का लक्ष्य तय किया गया था। इसके लिए 600 से अधिक फड़ बनाए गए थे, जहां राजनांदगांव और मोहला-मानपुर जिले के 48 हजार 261 संग्राहक तेंदूपत्ता तोड़ाई और संग्रहण कार्य में जुटे रहे। पांच मई से शुरू हुए संग्रहण कार्य में अब अधिकांश यूनिटों में काम लगभग पूरा हो चुका है, जबकि कुछ क्षेत्रों में अंतिम चरण का संग्रहण जारी है।
इससे पहले प्रकाशित रिपोर्ट में बताया गया था कि उत्तर और दक्षिण मानपुर क्षेत्र के तेंदूपत्ते की गुणवत्ता सबसे बेहतर मानी जा रही है और बाजार में इसकी मांग भी अधिक है। विभाग ने इस बार सभी 50 समितियों को ठेकेदारों के माध्यम से खरीदी के लिए दिया था। अधिकारियों का कहना है कि शुष्क मौसम के कारण पत्तों की गुणवत्ता अच्छी रही, जिससे बाजार में बेहतर कीमत मिलने की संभावना है। हालांकि गुणवत्ता अच्छी होने के बाद भी मात्रा में अपेक्षित बढ़ोतरी नहीं हो सकी।
कई समितियां लक्ष्य से आगे, कई अब भी पिछड़ी
संग्रहण रिपोर्ट के अनुसार कुछ समितियों ने लक्ष्य से अधिक संग्रहण किया है। सरखेड़ा समिति ने 102.37 प्रतिशत, शारदा ने 109.77 प्रतिशत और बंजारी समिति ने 114.99 प्रतिशत संग्रहण दर्ज किया है। वहीं मोहला रामगढ़, टेकामटोला और छुरिया जैसी समितियां भी लक्ष्य के करीब पहुंच चुकी हैं। दूसरी ओर कुछ समितियों में संग्रहण की स्थिति कमजोर रही। खुझ्जी समिति में केवल 47.63 प्रतिशत, हाटबंजारी में 42.37 प्रतिशत और च-चारभाठा समिति में महज 35.34 प्रतिशत ही संग्रहण हो पाया है। अधिकारियों का मानना है कि इन क्षेत्रों में पत्तों की उपलब्धता और मौसम का असर ज्यादा देखने को मिला।
ठेकेदारों की रुचि से बढ़ी उम्मीद
वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार इस बार उत्तर और दक्षिण मानपुर क्षेत्र के तेंदूपत्ते की गुणवत्ता अच्छी होने के कारण ठेकेदारों ने अधिक रुचि दिखाई। पहले ही अधिकांश यूनिटों की नीलामी हो चुकी थी और संग्रहण कार्य तेजी से कराया गया। बावजूद इसके कुल लक्ष्य तक पहुंचना मुश्किल माना जा रहा है। इस बार पश्चिम बंगाल, आंध्र प्रदेश और स्थानीय ठेकेदारों ने नीलामी में जंगल हासिल किए थे।
तेंदूपत्ता संग्रहण एक नजर में
कुल लक्ष्य : 80,800 मानक बोरा
अब तक संग्रहण : 63,732 मानक बोरा
उपलब्धि : 78.88 प्रतिशत
कुल संग्राहक : 48,261
संग्रहण राशि : 35.05 करोड़ रुपये से अधिक