राजनांदगांव: छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा घोषित कक्षा 10वीं एवं 12वीं के परीक्षा परिणामों में इस वर्ष जिले ने शानदार उपलब्धि हासिल की है। इस बार का परिणाम विशेष इसलिए भी रहा, क्योंकि साधारण परिवारों से आने वाले विद्यार्थियों ने असाधारण सफलता अर्जित कर यह साबित कर दिया कि मेहनत और लगन के दम पर हर मुकाम हासिल किया जा सकता है। स्वामी आत्मानंद स्कूल गंडई के वैभव को प्रदेश में नौंवा स्थान मिला है। सुरगी प्राथमिक स्कूल में कार्यरत सफाईकर्मी हेमंत साहू के बेटे गजेंद्र साहू ने कक्षा 12वीं में 95.60 प्रतिशत अंक प्राप्त कर जिले में प्रथम स्थान हासिल किया। वहीं कक्षा 10वीं में शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला कन्या एलबी नगर की छात्रा उपमा सिन्हा ने 97.17 प्रतिशत अंक के साथ टाप कर जिले का शान बढ़ाया। उपमा के पिता एक साधारण किसान हैं और माता गृहिणी हैं। सीमित संसाधनों के बावजूद दोनों विद्यार्थियों ने अपनी मेहनत से जिले का नाम रोशन किया है।
जिले के समग्र परीक्षा परिणाम में भी इस वर्ष उल्लेखनीय सुधार देखने को मिला है। सत्र 2025 में कक्षा 10वीं का परिणाम 68.76 प्रतिशत था, जो बढ़कर इस वर्ष 89.41 प्रतिशत हो गया है। इसी तरह कक्षा 12वीं का परिणाम 82.25 प्रतिशत से बढ़कर 87.56 प्रतिशत तक पहुंच गया है, जो शिक्षा के क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव का संकेत है। कक्षा 10वीं की मेरिट सूची में उपमा सिन्हा प्रथम स्थान पर रहीं, जबकि शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला सलौनी की इशा वर्मा ने 96.17 प्रतिशत के साथ द्वितीय स्थान प्राप्त किया। शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला बोरी के छात्र दीपविजय गेंडरे तीसरे स्थान पर रहे। कक्षा 12वीं में गजेंद्र साहू के अलावा स्टेट स्कूल (सेजेस) के भूपेंद्र कुमार चंदेल ने 94.60 प्रतिशत के साथ द्वितीय स्थान प्राप्त किया। वहीं शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला डिलापहरी की छात्रा साक्षी वर्मा ने 94.40 प्रतिशत अंक अर्जित कर तृतीय स्थान हासिल किया। जिले की प्रावीण्य सूची में स्थान बनाने वाले विद्यार्थियों को जिला कार्यालय में कलेक्टर जितेंद्र यादव, जिपं सीईओ सुरुचि सिंह, जिला शिक्षा अधिकारी प्रवास सिंह बघेल ने सम्मानित किया।
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बेटियों ने इस बार भी बेटों को पछाड़ा
जिले में कक्षा 10वीं में 89.41 प्रतिशत विद्यार्थी उत्तीर्ण हुए है। जिसमें छात्रों का प्रतिशत 86.57 एवं छात्राओं का प्रतिशत 91.56.78 है। इस तरह कक्षा 12वीं में 87.56 प्रतिशत विद्यार्थी उत्तीर्ण हुए हैं। जिसमें छात्रों का प्रतिशत 84.57 एवं छात्राओं का प्रतिशत 89.61 है। दोनों कक्षाओं का परीक्षा परिणाम जारी होने के बाद विद्यार्थियों के चेहरे में खुशी दिखी। विद्यार्थी सुबह से माेबाइल व कंप्यूटर के सामने डटे रहे। इस बार भी बेटियों का दबदबा रहा।
0 टाप-10 में नहीं मिली जगह
जिले में कक्षा 10-12 वीं का परीक्षा परिणाम बीते वर्षाें की अपेक्षा बेहतर आया है। लेकिन लगातार दूसरी बार एक भी विद्यार्थी माध्यमिक शिक्षा मंडल के प्रावीण्य सूची में जगह नहीं बना पाए। आनलाइन कक्षाएं, आवासीय कोचिंग और लगातार विशेषज्ञों द्वारा विद्यार्थियों को मार्गदर्शन दिए जाने के कारण बोर्ड परीक्षा परिणाम काफी उत्कृष्ट रहा है। जिले की प्रावीण्य सूची में सरकारी स्कूलों का दबदबा भी देखने को मिला।
रोजाना छह से सात घंटे की पढ़ाई, बनना चाहता है इनकम टैक्स अधिकारी
खैरागढ़-छुईखदान-गंडई :- जिले के गंडई स्थित स्वामी आत्मानंद स्कूल के कक्षा 12वीं वाणिज्य के छात्र वैभव रत्नाकर ने प्रदेश में नौवां स्थान प्राप्त किया है। वैभव को 500 में 483 अंक मिले हैं। वैभव के पिता व्यास नारायण रत्नाकर भुरभुसी स्कूल में हिंदी के व्याख्याता हैं। वहीं माता गृहिणी हैं। वैभव ने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता के साथ-साथ गुरुजनों को दिया है। वैभव ने इंटरनेट मीडिया से भी पढ़ाई की। वैभव रोजाना छह से सात घंटे पढ़ाई करता था। वह आगे इनकम टैक्स अधिकारी बनना चाहता है। वैभव ने कहा कि अनुशासित रहकर पढ़ाई जारी रखे। हताश, निराशा, भय की शंका मन में न रखे।
आइएएस अधिकारी बनकर देश की सेवा करना है
कक्षा 12वीं में उच्चतर माध्यमिक शाला सुरगी के छात्र गजेंद्र साहू ने जिले में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। गजेंद्र को को 500 में 478 अंक मिले। गजेंद्र टाप-10 में जगह बनाने से चूक गया। गजेंद्र रोजाना पांच से छह घंटे पढ़ाई करता था। गजेंद्र के पिता सुरगी प्राथमिक स्कूल में अंशकालीन सफाईकर्मी हैं। उन्होंने अपने सफलता का श्रेय अपने माता-पिता के साथ गुरुजनों को दिया। गजेंद्र आइएएस अधिकारी बनकर देश की सेवा करना चाहता है। उन्होंने बताया कि सफलता अर्जित करने के लिए धैर्य के साथ-साथ अनुशासन आवश्यक है। उन्होंने बोर्ड परीक्षा के दौरान इंटरनेट मीडिया से पूरी तरह से दूरी बनाई रखी। गजेंद्र ने कहा कि मेहनत के दम पर कुछ भी हासिल किया जा सकता है।
डाक्टर बन करना चाहती है जरुरतमंदों की सेवा
कक्षा 10 वीं में डोंगरगढ़ लालबहादुर नगर कन्या शाला की छात्रा उपमा सिन्हा ने जिले में पहले स्थान पर रही है। उपमा को 97.17 प्रतिशत अंक मिले। उपमा शुरुआत से ही काफी मेहनती रही है। रोजाना पांच से छह घंटे नियमित पढ़ाई करती थी। पढ़ाई का सिलसिला सुबह पांच बजे से शुरू हो जाता था। उपमा कक्षा 11 वीं जीव-विज्ञान विषय लेकर पढ़ाई करना और भविष्य में डाक्टर बनकर जरुरतमंदों की सेवा करना चाहती है। उपमा के पिता किसान और माता गृहिणी हैं। उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता के साथ गुरुजनों को दिया। उपमा ने कहा कि सकारात्मक विचार रखना चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों को मन लगाकर पढ़ाई करने और लक्ष्य के प्रति हमेशा सचेत रहने की बात कही है।