April 14, 2026


किस्मत के बंद दरवाजे खोल देंगे अधिक मास के ये चमत्कारी उपाय, महादेव और श्रीहरि की बरसेगी कृपा

अधिक माह, जिसे पुरुषोत्तम मास या मलमास भी कहा जाता है। आध्यात्मिक साधना के लिए यह साल का सबसे पवित्र समय माना जाता है। यह महीना भगवान विष्णु को समर्पित है। ज्योतिष शास्त्र और पुराणों के अनुसार, इस दौरान किए गए दान, पुण्य और मंत्र जाप का फल अन्य महीनों की तुलना में दस गुना अधिक मिलता है। अगर आपके जीवन में प्रगति रुक गई है या आर्थिक तंगी बनी रहती है, तो अधिक मास के ये चमत्कारी उपाय आपकी किस्मत के बंद दरवाजे खोल सकते हैं। आइए इस माह से जुड़े सरल उपाय जानते हैं, जो इस प्रकार हैं -

दीपदान का महत्व

अधिक मास में दीपदान करने का बड़ा महत्व है। ऐसे में शाम के समय घर के मंदिर, तुलसी के पौधे के पास और शिवालय में गाय के घी का दीपक जलाएं। माना जाता है कि जो व्यक्ति इस पूरे माह अखंड दीप जलाता है या नियमित दीपदान करता है, उसके जीवन से अंधकार और दरिद्रता का नाश होता है।

विष्णु सहस्रनाम और महामृत्युंजय जाप
यह महीना पुरुषोत्तम यानी भगवान श्रीहरि का है, इसलिए विष्णु सहस्रनाम का पाठ करें। इसके साथ ही, इस महीने में भगवान शिव की पूजा करने से ग्रहों के अशुभ प्रभाव शांत होते हैं। प्रतिदिन "ॐ नमो भगवते वासुदेवाय" और "ॐ नमः शिवाय" मंत्र का जाप करने से मानसिक शांति और कार्यक्षेत्र में सफलता मिलती है।

दान की महिमाधार्मिक मान्यताओं के अनुसार, अधिक मास में कांसे के पात्र में मालपुआ रखकर दान करना संतान सुख और समृद्धि प्रदान करता है। इसके अलावा इस दौराव जल, सत्तू, छाता और जूते-चप्पल का दान भी बहुत पुण्यदायी माना गया है।

तुलसी और पीपल की सेवारोजाना सुबह स्नान के बाद पीपल के वृक्ष में जल अर्पित करें और शाम को तुलसी के पास दीपक जलाकर परिक्रमा करें। पीपल में भगवान विष्णु और महादेव दोनों का वास माना गया है, जिससे पितृ दोष भी शांत होते हैं।


Related Post

Advertisement

Tranding News

Get In Touch