April 03, 2026


US-Iran तनाव: ट्रंप बोले—अभी पाषाण युग नहीं आया, हमले बाकी हैं

Iran US War: ईरान के सबसे बड़े पुल को मिसाइल हमले में उड़ाने के बाद अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बड़ा तंज कसा है। उन्होंने अपने सोशल मीडिया ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट में लिखा, "अमेरिकी सेना ने ईरान में बचे हुए लक्ष्यों को नष्ट करना भी शुरू नहीं किया...अगले निशाने पुल, फिर बिजली संयंत्र....लगता है कि ‘पाषाण युग’ अभी बहुत दूर है?

उन्होंने अपने इस पोस्ट के माध्यम से चेतावनी दी कि अगला निशाना ईरान के पुल होंगे और उसके बाद बिजली उत्पादन संयंत्र पर हमला किया जाएगा। ट्रंप ने कहा, “हमने अभी ईरान को पूरी तरह से नष्ट नहीं किया है। पुलों को निशाना बनाया जाएगा और फिर बिजलीघरों को बहुत जोरदार हमलों से तबाह कर दिया जाएगा।” उन्होंने जोर देकर कहा कि अगर ईरान समझौते के लिए तैयार नहीं हुआ तो ये हमले और तेज होंगे। ट्रंपप के इस बयान के साथ ईरान को ‘स्टोन एज’ (पाषाण युग) में भेजने वाली पुरानी धमकी भी जुड़ी हुई है। कुछ दिन पहले उन्होंने राष्ट्र के नाम संबोधन में कहा था कि अमेरिका ईरान को “पाषाण युग में वापस ले जाएगा, जहां उसे होना चाहिए”।

ईरान के बड़े इन्फ्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाने की धमकी

ट्रंप की इस पोस्ट में आगे ईरान के बिजली संयंत्रों को निशाना बनाने की साफ धमकी दी गई है। ट्रंप ने दावा किया था कि अगले दो-तीन हफ्तों में ईरान पर बहुत भारी हमले किए जाएंगे। ट्रंप का नया बयान इस बात की ओर इशारा कर रहा है कि ‘स्टोन एज’ वाली स्थिति अभी बहुत दूर है। अभी तक अमेरिका और इजरायल ने ईरान के कई सैन्य ठिकानों, मिसाइल सुविधाओं और कुछ बुनियादी ढांचे को निशाना बनाया है, लेकिन बिजली संयंत्रों और बड़े पुलों जैसे नागरिक इंफ्रास्ट्रक्चर पर बड़े पैमाने पर हमले नहीं हुए हैं। ट्रंप ने ईरान से साफ चेतावनी दी है कि अगर होर्मुज जलडमरूमध्य को अंतरराष्ट्रीय नौवहन के लिए नहीं खोला गया तो बिजली संयंत्रों को “एक साथ और बहुत जोरदार” तरीके से नष्ट कर दिया जाएगा।

ईरान ने दिया ट्रंप की धमकी का जवाब

ट्रंप ने इससे पहले अपने कई बयानों में कहा है कि अमेरिकी हथियार दुनिया के सबसे शक्तिशाली हैं, लेकिन अब तक उन्होंने कुछ हद तक संयम बरता है। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने ट्रंप की ‘स्टोन एज’ वाली टिप्पणी का जवाब देते हुए कहा कि पत्थर के युग में मध्य पूर्व में तेल और गैस का उत्पादन नहीं होता था। उन्होंने पूछा कि क्या अमेरिका वाकई समय को पीछे ले जाना चाहता है। तेहरान ने अमेरिका को यह भी चेतावनी दी कि ईरान सिर्फ देश नहीं...सभ्यता है और सभ्यताएं बमों से नहीं मरा करती हैं।


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