गर्मी से राहत पाने के लिए बड़ी तादाद में लोग एयर कंडीशनर (AC) का इस्तेमाल करते हैं. अब बारिश का मौसम शुरू हो चुका है. इस मौसम में गर्मी के साथ शरीर पर चिपचिपाहट महसूस होती है. दरअसल बरसात में शरीर का पसीना आसानी से सूख नहीं पाता और स्किन की कई बीमारियां होने का खतरा भी बढ़ जाता है. बरसात में ह्यूमिडिटी बढ़ जाती है, जिसे आम भाषा में उमस कहा जाता है. उमस से परेशान होने पर पंखे और कूलर से राहत नहीं मिल पाती. ऐसे में कई लोग एसी का इस्तेमाल करते हैं. अब सवाल उठता है बरसात में एसी का तापमान कितना होना चाहिए और कब यह सेहत के लिए नुकसानदायक हो सकती है. इन सभी सवालों के जवाब डॉक्टर से जान लेते हैं.
नई दिल्ली के सर गंगाराम हॉस्पिटल के प्रिवेंटिव हेल्थ एंड वेलनेस डिपार्टमेंट की डायरेक्टर डॉ. सोनिया रावत के अनुसार बारिश में ज्यादा उमस हो, तो एसी का इस्तेमाल किया जा सकता है. ह्यूमिडिटी ज्यादा होने पर एसी का ड्राई मोड यूज कर सकते हैं, लेकिन ज्यादा देर तक ऐसा न करें. तापमान की बात करें, तो आमतौर पर एसी का टेंपरेचर 24 से 26 डिग्री सेल्सियस के बीच रखना चाहिए. रात के वक्त एसी का इस्तेमाल किया जा सकता है. हालांकि एसी का अत्यधिक इस्तेमाल करना नुकसानदायक हो सकता है. एसी चलाने से स्किन की नमी खत्म हो सकती है और ड्राई स्किन की परेशानी हो सकती है. ऐसे में कोशिश करनी चाहिए कि सावधानी के साथ एसी यूज करना चाहिए.
डॉ. सोनिया रावत कहती हैं कि कम टेंपरेचर पर अत्यधिक एसी का इस्तेमाल करने से सर्दी-जुकाम की समस्या हो सकती है. बारिश के मौसम में कई लोग भीगकर आते हैं और खुद को सुखाने के लिए एसी चला लेते हैं, ऐसा करने काफी नुकसानदायक होता है. बारिश में भीगने के बाद हमेशा साफ पानी से नहाना चाहिए और अच्छी तरह पोंछकर पूरे शरीर पर मॉइश्चराइजर लगाना चाहिए. बरसात में पसीना और गंदगी के कारण स्किन पर फंगल इंफेक्शन हो सकता है. इसके अलावा बारिश में हेल्दी डाइट लेनी चाहिए और खाने-पीने में साफ-सफाई का ध्यान रखना चाहिए. यह मौसम अपने साथ बीमारियां लेकर आता है, इसलिए हरसंभव सावधानी बरतनी चाहिए.