May 15, 2026


भगवान को चढ़ाया प्रसाद जमीन पर गिर जाए तो क्या करें? जानें बचाव के उपाय

 सनातन धर्म में प्रसाद को सिर्फ भोजन नहीं, बल्कि भगवान का आशीर्वाद माना जाता है, जिसके प्रति सम्मान की भावना रखना बेहद जरूरी है। मंदिर हो या घर का पूजा कक्ष जब कोई चीज भगवान को भोग के लिए अर्पित की जाती है, तो वह प्रसाद बन जाती है।

यही कारण है कि, प्रसाद का सम्मान करना धार्मिक नजरिए से बेहद महत्वपूर्ण माना गया है। लेकिन कई बार जाने-अनजाने प्रसाद हाथ से नीचे गिर जाता है या जमीन पर फैल जाता है। ऐसे में कई लोगों को पता नहीं होता कि इस प्रसाद का करना क्या है? आइए जानते हैं इस लेख के माध्यम से।

प्रसाद का गिरना क्या संकेत देता है?

धार्मिक नजरिए से देखा जाए तो प्रसाद का गिरना हमेशा शुभ संकेत नहीं माना जाता। कई जानकार इसे लापरवाही या असावधानी से जुड़ी घटना मानते हैं, न कि किसी अपशकुन का संकेत। ऐसे में जो प्रसाद भगवान को अर्पित किया जा चुका है, उसके साथ सम्मानजनक व्यवहार करना बेहद जरूरी माना गया है।

प्रसाद के महत्व को लेकर श्रीमद्भगवद्गीता के अध्याय 3, श्लोक 13 में बताया है कि-

यज्ञशिष्टाशिनः सन्तो मुच्यन्ते सर्वकिल्बिषैः।
भुञ्जते ते त्वघं पापा ये पचन्त्यात्मकारणात्॥

अर्थात्- यज्ञ होने के बाद अन्न (प्रसाद) को ग्रहण करने वाले पुरुष सभी पापों से मुक्त हो जाते हैं। लेकिन जो व्यक्ति केवल अपने शरीर के पोषण के लिए ही भोजन ग्रहण करता है, वे पापी केवल पाप भोग रहा है।

धार्मिक विशेषज्ञों के जानकार बताते हैं कि, अगर प्रसाद किसी साफ स्थान पर गिर जाए, तो उसे सम्मानपूर्वक उठाकर किसी साफ स्थान पर रखा जा सकता है। अगर प्रसाद जमीन पर गिरने के बाद भी पूरी तरह से अशुद्ध नहीं हुआ है, तो उसे गाय, पक्षियों या पालतू जानवर को खिलाया जा सकता है।

वहीं अगर प्रसाद मिट्टी, गंदगी, जूते-चप्पलों वाली जगह पर गिर जाए, तो ऐसे में उसे खाने से बचना चाहिए साथ ही उसे किसी पेड़ के पास रख दें।

पूजा में दिखावे से ज्यादा श्रद्धा जरूरी

कई लोग ऐसे हालात में फौरन भगवान से माफी मांगने लगते हैं और दोबारा श्रद्धा के साथ प्रसाद अर्पित करते हैं। धार्मिक नजरिए से पूजा के दौरान दिखावे से ज्यादा भावना और सम्मान का अधिक महत्व होता है। ऐसे में अगर आपसे अनजाने में गलती हुई है, तो इसे बड़ा दोष नहीं मानना चाहिए।

प्रसाद का बार-बार गिरना व्यक्ति की जल्दबाजी, लापरवाही, मानसिक अस्थिरता या पूजा के दौरान एकाग्रता में कमी के कारण भी हो सकती है। इसलिए पूजा या प्रसाद अर्पण करते समय मन को शांत रखें और जल्दबाजी से बचें।

प्रसाद का अपमान करना महापाप- गरुड़ पुराण

गरुड़ पुराण जैसे धार्मिक ग्रंथों के अनुसार, प्रसाद का अपमान करने वाला व्यक्ति पापी के श्रेणी में आता है। चूंकि प्रसाद पवित्र अन्न माना जाता है, इसलिए उसे कूड़े में फेंकने की जगह सम्मानपूर्वक किसी जानवर को खिला दें या तो किसी पेड़ के पास रख दें।

धर्म में भय से ज्यादा आपकी सच्ची श्रद्धा और मर्यादा को महत्व दिया जाता है। इसलिए अगर कभी प्रसाद गलती से गिर जाए, तो डरने की बजाय उसे सम्मानपूर्वक संभालने की कोशिश करनी चाहिए।


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