May 10, 2026


अपरा एकादशी का व्रत कब रखा जाएगा 12 या 13 मई? डेट को लेकर कंफ्यूजन करें दूर, जानें सही तारीख और मुहूर्त

हिंदू धर्म में एकादशी व्रत का विशेष महत्व बताया गया है। हर माह में दो बार एकादशी का व्रत रखा जाता है एक कृष्ण और दूसरा शुक्ल पक्ष में। प्रत्येक महीने में आने वाली एकादशी को अलग-अलग नामों से जाना जाता है। ऐसे ही ज्येष्ठ माह के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि में आने वाली एकादशी को अपरा एकादशी के नाम से जाना जाता है। अपरा एकादशी का व्रत करने से व्यक्ति को सुख-समृद्धि और वैभव की प्राप्ति होती है। तो आइए जानते हैं कि इस साल अपरा एकादशी का व्रत कब रखा जाएगा और पूजा का शुभ मुहूर्त क्या रहेगा।

अपरा एकादशी 2026 डेट

इस बार अपरा एकादशी की डेट को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है। पंचांग के अनुसार, ज्येष्ठ माह के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि का आरंभ 12 मई को दोपहर 2 बजकर 52 मिनट पर होगा। एकादशी तिथि का समापन 13 मई को दोपहर 1 बजकर 29 मिनट पर होगा। उदयातिथि के अनुसार, अपरा एकादशी का व्रत 13 मई 2026 को रखा जाएगा।

अपरा एकादशी 2026 शुभ मुहूर्त

  • ब्रह्म मुहूर्त- 04:37 ए एम से 05:21 ए एम
  • अभिजित मुहूर्त- कोई नहीं
  • विजय मुहूर्त - 02:45 पी एम से 03:37 पी एम
  • गोधूलि मुहूर्त- 07:04 पी एम से 07:26 पी एम
  • अमृत काल- 07:41 पी एम से 09:13 पी एम

अपरा एकादशी 2026 पारण का समय

एकादशी व्रत में पारण तिथि का विशेष महत्व होता है। पारण का अर्थ है व्रत खोलना। अपरा एकादशी का पारण 14 मई 2026 को किया जाएगा। पारण के लिए  14 मई को सुबह 6 बजकर 4 मिनट से सुबह 8 बजकर 41 मिनट का समय सबसे उत्तम रहेगा।

अपरा एकादशी व्रत महत्व

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार,  जो फल किसी व्यक्ति को कार्तिक महीने में स्नान या गंगा जी के तट पर पितरों को पिंड दान करने से मिलता है, वैसा ही फल उसे अचला एकादशी का व्रत करने से भी प्राप्त होता है। साथ ही गोमती नदी में स्नान, कुंभ में श्री केदारनाथ जी के दर्शन, बद्रिकाश्रम में रहने और सूर्य-चंद्र ग्रहण में कुरुक्षेत्र में स्नान करने का जो महत्व है, वही अपरा एकादशी के व्रत का भी महत्व है।


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