January 19, 2026


क्यों नर्मदा के दर्शन मात्र से मिल जाता है मोक्ष? जानें इस साल की शुभ तिथि और धार्मिक महत्व

 हर साल माघ माह के कृष्ण पक्ष की सप्तमी तिथि पर नर्मदा जयंती मनाई जाती है। यह दिन मां नर्मदा को समर्पित होता है। इस शुभ अवसर पर बड़ी संख्या में साधक नर्मदा समेत उनकी सहायक नदियों में स्नान-ध्यान कर पूजा, जप-तप और दान-पुण्य करते हैं। इसके साथ ही नर्मदा जयंती पर परिक्रमा यात्रा का समापन भी होता है। इस मौके पर भगवान ओंकारेश्वर का अभिषेक करते हैं।

धार्मिक मत है कि नर्मदा नदी में स्नान करने से न केवल शारीरिक और मानसिक कष्टों से मुक्ति मिलती है, बल्कि पापों से भी मुक्ति मिलती है। नर्मदा जयंती के मौके पर देश-दुनिया से श्रद्धालु स्नान के लिए अमरकंटक पहुंचते हैं। आइए, नर्मदा जयंती की सही तिथि और शुभ मुहूर्त जानते हैं।

नर्मदा जयंती शुभ मुहूर्त 

वैदिक पंचांग के अनुसार, माघ माह के शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि 25 जनवरी को देर रात 12 बजकर 39 मिनट पर शुरू होगी। वहीं, 25 जनवरी को देर रात 11 बजकर 10 मिनट पर समाप्त होगी। सूर्योदय तिथि गणना से 25 जनवरी को नर्मदा जयंती मनाई जाएगी।

नर्मदा जयंती शुभ योग 

ज्योतिषियों की मानें तो नर्मदा जयंती पर एक साथ कई मंगलकारी योग बन रहे हैं। इन योग में स्नान-ध्यान करने और मां नर्मदा की पूजा करने से साधक को मनोवांछित फल की प्राप्ति होगी। साथ ही सभी सुख और सौभाग्य में वृद्धि होगी। इस शुभ अवसर पर साध्य और शुभ योग का संयोग है। इसके साथ ही सर्वार्थ सिद्धि और रवि योग का भी निर्माण हो रहा है।

पूजा विधि

माघ माह के शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि पर ब्रह्म बेला में उठें। अब मां नर्मदा का ध्यान कर दिन की शुरुआत करें। इसके बाद घर की साफ-सफाई करें। सभी कामों से निपटने के बाद सुविधा होने पर नर्मदा नदी में स्नान करें और नर्मदा जल से भगवान शिव का अभिषेक करें। वहीं, नर्मदा नदी की पूजा, जप-तप और दान-पुण्य करें।


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