राजनांदगांव: राशन कार्ड उपभोक्ताओं को अप्रैल-मई-जून माह का खाद्यान्न उठाने के लिए 15 मई तक का समय दिया गया है। यदि 15 मई तक उठाव नहीं करने पर इसे लैप्स कर दिया जाएगा। अब तक 70 प्रतिशत उपभोक्ताओं ने एक मुश्त तीन माह का खाद्यान्न उठाव कर चुके हैं। शेष 30 प्रतिशत उपभोक्ताओं को पांच दिनों के भीतर खाद्यान्न का उठाव करना होगा। राजनांदगांव जिले में पीडीएस की राशन दुकानों की संख्या 409 है। वहीं राशन कार्डधारियों की संख्या दो लाख 59 हजार और कुल उपभोक्ता सदस्य संख्या नौ लाख है। खाद्य विभाग ने साफ कर दिया है कि तय समय तक राशन नहीं लेने वाले हितग्राहियों का खाद्यान्न लैप्स मान लिया जाएगा। जिले में अब भी करीब 30 प्रतिशत उपभोक्ताओं ने राशन नहीं उठाया है, जिन्हें अगले पांच दिनों के भीतर यह प्रक्रिया पूरी करनी होगी।
पीडीएस संचालकों पर बना रहे दबाव
जिले में अब तक लगभग 70 प्रतिशत हितग्राहियों ने एकमुश्त तीन माह का राशन प्राप्त कर लिया है। शेष उपभोक्ताओं तक राशन पहुंचाने के लिए विभाग ने पीडीएस संचालकों पर दबाव बढ़ा दिया है। संचालकों को निर्देश दिए गए हैं कि वे हितग्राहियों को व्यक्तिगत रूप से सूचना देकर समय सीमा के भीतर राशन वितरण सुनिश्चित करें। अप्रैल माह में ही उपभोक्ताओं को एक मुश्त तीन माह का खाद्यान्न वितरण करना था। लेकिन ज्यादातर पीडीएस के संचालक वितरण नहीं कर पाए।
मई-जून का एक साथ
जिन हितग्राहियों ने अप्रैल माह में राशन नहीं लिया था, उनका राशन अभी लैप्स नहीं हुआ है। ऐसे उपभोक्ताओं को 15 मई तक राशन उठाने का अवसर दिया गया है और उन्हें अप्रैल, मई एवं जून तीनों माह का खाद्यान्न एक साथ मिलेगा। वहीं जिन उपभोक्ताओं ने केवल अप्रैल माह का राशन लिया है, उन्हें मई और जून का दो माह का राशन प्रदान किया जाएगा। राशन वितरण की प्रक्रिया में तेजी लाने के लिए सभी पीडीएस दुकानों को नियमित रूप से खोलने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही संचालकों से कहा गया है कि वे अधिक समय तक दुकानें खुली रखें ताकि ज्यादा से ज्यादा हितग्राही आसानी से राशन प्राप्त कर सकें।
लापरवाही बरतने पर होगी कार्रवाई
खाद्य विभाग ने चेतावनी भी दी है कि वितरण में लापरवाही बरतने वाले पीडीएस संचालकों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। दरअसल, खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण संचालनालय द्वारा पहले तीन माह के राशन वितरण की अंतिम तिथि 30 अप्रैल निर्धारित की गई थी। लेकिन कई जिलों में वितरण प्रक्रिया पूरी नहीं हो पाने के कारण सरकार ने राहत देते हुए अंतिम तिथि बढ़ाकर 15 मई कर दी है। अब विभाग की कोशिश है कि बचे हुए 30 प्रतिशत हितग्राही भी जल्द से जल्द राशन उठा लें, ताकि खाद्यान्न वितरण की प्रक्रिया समय पर पूरी हो सके।