आरंग। पुलिस अधीक्षक रायपुर के निर्देशानुसार थाना आरंग द्वारा मंगलवार को अरुंधती देवी शासकीय विद्यालय, आरंग में छात्र-छात्राओं के लिए यातायात नियमों एवं साइबर अपराधों से बचाव विषय पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों में सड़क सुरक्षा एवं ऑनलाइन सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाना था।
कार्यक्रम में थाना आरंग के अधिकारियों ने विद्यार्थियों को सड़क पर सुरक्षित तरीके से चलने, ट्रैफिक सिग्नलों का पालन करने तथा जेब्रा क्रॉसिंग का उपयोग करने की जानकारी दी। दोपहिया वाहन चलाते समय हेलमेट पहनने, तीन सवारी न बैठाने, शराब पीकर वाहन न चलाने तथा तेज गति से वाहन चलाने से बचने की सलाह दी गई। वहीं चारपहिया वाहन चालकों के लिए सीट बेल्ट के उपयोग को अनिवार्य बताया गया।
अधिकारियों ने सोशल मीडिया पर बाइक स्टंट कर रील्स बनाने की बढ़ती प्रवृत्ति पर चिंता व्यक्त करते हुए विद्यार्थियों से ऐसी गतिविधियों से दूर रहने की अपील की। साथ ही सड़क दुर्घटना के बाद पहले एक घंटे को "गोल्डन आवर" बताते हुए घायल व्यक्ति को तत्काल चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने और डायल 112 या नजदीकी अस्पताल को सूचना देने का महत्व समझाया।
इस दौरान विद्यार्थियों को गुड समेरिटन योजना की जानकारी भी दी गई। बताया गया कि सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति की मदद करने वाले नागरिक को पुलिस या न्यायालय की अनावश्यक प्रक्रिया से नहीं गुजरना पड़ता तथा सरकार द्वारा प्रोत्साहन राशि के रूप में 25 हजार रुपये तक प्रदान किए जाने का प्रावधान है।
कार्यक्रम में नाबालिगों द्वारा वाहन चलाने के दुष्परिणामों पर भी प्रकाश डाला गया। अधिकारियों ने बताया कि मोटर व्हीकल एक्ट के अनुसार 18 वर्ष से कम आयु के व्यक्ति द्वारा वाहन चलाना कानूनन अपराध है और ऐसी स्थिति में नाबालिग के साथ उसके माता-पिता के विरुद्ध भी वैधानिक कार्रवाई की जा सकती है।
साइबर सुरक्षा सत्र में विद्यार्थियों को मजबूत पासवर्ड रखने, अजनबियों से ऑनलाइन दोस्ती न करने, निजी जानकारी साझा करने से बचने, फर्जी लिंक एवं एप्स से सतर्क रहने तथा केवल अधिकृत प्लेटफॉर्म से ही एप डाउनलोड करने की सलाह दी गई। साइबर अपराध से संबंधित शिकायत के लिए हेल्पलाइन नंबर 1930 एवं राष्ट्रीय साइबर क्राइम पोर्टल का उपयोग करने की जानकारी भी दी गई।
आरंग थाना प्रभारी हरीश साहू ने विद्यार्थियों से यातायात नियमों का पालन करने और डिजिटल दुनिया में सतर्क रहने की अपील करते हुए बताया कि जिले के अन्य विद्यालयों में भी इस प्रकार के जागरूकता कार्यक्रम आगे भी आयोजित किए जाएंगे।