राजनांदगांव : कहते हैं कि अगर इंसान के इरादे मजबूत हों और मेहनत सच्ची हो, तो गरीबी और कठिनाइयाँ भी सफलता की राह नहीं रोक सकतीं। इसी कहावत को सच कर दिखाया है जिले से लगभग 15 किलोमीटर दूर स्थित ग्राम मुसराकला के रहने वाले मनीष कुमार साहू ने जिन्होंने कठिन संघर्षों के बीच पढ़ाई करते हुए एमबीबीएस की डिग्री हासिल कर डॉक्टर बनने का सपना पूरा किया है। सायकल रिपेयरिंग का काम कर परिवार चलाने वाले दीनदयाल साहू के बेटे डॉ. मनीष कुमार साहू आज पूरे गांव, समाज और जिले के लिए प्रेरणा बन गए हैं। उनकी सफलता ने यह साबित कर दिया कि मेहनत और लगन के सामने हर मुश्किल छोटी पड़ जाती है।
डॉ. मनीष कुमार साहू की प्रारंभिक शिक्षा गांव में ही हुई। इसके बाद उन्होंने कक्षा छठवीं से आठवीं तक की पढ़ाई जवाहर नवोदय विद्यालय डोंगरगढ़ से पूरी की। शुरू से ही मेधावी छात्र रहे मनीष ने लगातार मेहनत जारी रखी और आगे चलकर जवाहर लाल नेहरू स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय रायपुर से एमबीबीएस की पढ़ाई पूर्ण की। वर्तमान में वे मेकाहारा अस्पताल रायपुर में इंटर्नशिप के दौरान अपनी सेवाएं दे रहे हैं। डॉ. मनीष का सपना भविष्य में शिशु रोग विशेषज्ञ बनकर समाज की सेवा करना है। उनका कहना है कि गरीब और जरूरतमंद लोगों के इलाज के लिए वे हमेशा तत्पर रहेंगे। डॉ. मनीष के पिता दीनदयाल साहू का जीवन संघर्षों से भरा रहा है। वर्षों तक सायकल रिपेयरिंग कर परिवार का पालन-पोषण करने वाले दीनदयाल साहू ने आर्थिक तंगी के बावजूद कभी हार नहीं मानी। कठिन परिस्थितियों में भी उन्होंने अपने बच्चों की पढ़ाई में कोई कमी नहीं आने दी। आज बेटे के डॉक्टर बनने पर उनकी आंखों में खुशी और गर्व साफ दिखाई देता है। भावुक होकर उन्होंने कहा कि सायकल रिपेयरिंग करते हुए मैंने हमेशा सपना देखा था कि मेरा बेटा बड़ा अधिकारी बने। आज वह सपना पूरा हो गया।
सिर्फ इतना ही नहीं दीनदयाल साहू वर्तमान में नवोदय कोचिंग क्लास भी संचालित कर रहे हैं जहां से अब तक करीब 350 बच्चों का चयन नवोदय विद्यालय, सैनिक स्कूल, जवाहर उत्कर्ष योजना, एकलव्य विद्यालय और कन्या शिक्षा परिसर जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में हो चुका है। डॉ. मनीष की छोटी बहन कु. चंचल साहू भी अपने भाई के नक्शेकदम पर चल रही हैं। वह महासमुंद में एमबीबीएस तृतीय वर्ष की पढ़ाई कर रही हैं। वहीं उनकी माता पिमला साहू गांव में मितानिन के रूप में लोगों की सेवा कर रही हैं। डॉ. मनीष कुमार साहू की इस उपलब्धि पर जिला साहू संघ ने ग्राम मुसराकला पहुंचकर उनका सम्मान किया और शुभकामनाएं दीं। समाज के पदाधिकारियों ने कहा कि डॉ. मनीष की सफलता युवाओं के लिए प्रेरणादायी है। इस अवसर पर जिला साहू संघ के अध्यक्ष भागवत साहू, महामंत्री नीलमणि साहू, कोषाध्यक्ष नोबल साहू, अधिकारी-कर्मचारी प्रकोष्ठ संयोजक यशवंत साहू, संगठन सचिव माधव साहू, जिला सलाहकार परदेशीराम साहू, डॉ. चेतन साहू, तिजेंद्र साहू, थंगेश्वर साहू, हृदय हिरवानी, रक्तवीर मदन साहू, लक्ष्य साहू, घनश्याम साहू सहित बड़ी संख्या में समाजजन उपस्थित रहे। ग्राम मुसराकला के एक साधारण परिवार से निकलकर डॉक्टर बनने तक का सफर आसान नहीं था लेकिन डॉ. मनीष कुमार साहू ने अपने संघर्ष, अनुशासन और मेहनत से यह मुकाम हासिल किया। उनकी यह सफलता आज हर उस युवा के लिए प्रेरणा है जो कठिन परिस्थितियों के बावजूद बड़े सपने देखने का साहस रखता है।