July 29, 2026


सहकारिता को मजबूत बनाने पर मंथन मंत्री केदार कश्यप से मिले प्रदेश के बैंक अध्यक्ष

भर्ती, पैक्स सशक्तिकरण, डिजिटल आधुनिकीकरण और लंबित मांगों पर हुई विस्तृत चर्चा, मंत्री ने समाधान का दिया भरोसा

राजनांदगांव :- राज्य की सहकारी व्यवस्था को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और तकनीक आधारित बनाने की दिशा में प्रदेश के सहकारी बैंकों के अध्यक्षों ने सोमवार को सहकारिता मंत्री केदार कश्यप से मुलाकात की। बैठक में पैक्स समितियों को सशक्त बनाने, सहकारी बैंकों की लंबित समस्याओं के समाधान, डिजिटल आधुनिकीकरण तथा ग्रामीण स्तर तक सहकारिता के विस्तार को लेकर विस्तार से चर्चा हुई। मंत्री ने विभिन्न मांगों पर सकारात्मक पहल का भरोसा दिलाया।

प्रदेश में सहकारिता आंदोलन को नई गति देने और सहकारी संस्थाओं को अधिक सशक्त बनाने के उद्देश्य से 28 जुलाई 2026 को मंत्रालय महानदी भवन, रायपुर में प्रदेश के सहकारी बैंकों के अध्यक्षों ने सहकारिता मंत्री केदार कश्यप से सौजन्य भेंट की। बैठक में सहकारी संस्थाओं के विकास, पैक्स समितियों की भूमिका, बैंकिंग व्यवस्था की चुनौतियों और भविष्य की कार्ययोजना पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। बैठक में अपेक्स बैंक रायपुर के अध्यक्ष केदारनाथ गुप्ता, रायपुर जिला सहकारी बैंक के अध्यक्ष निरंजन सिन्हा, दुर्ग के अध्यक्ष प्रीतपाल बेलचंदन, राजनांदगांव जिला सहकारी केंद्रीय बैंक के अध्यक्ष सचिन सिंह बघेल, जगदलपुर के अध्यक्ष दिनेश कश्यप, बिलासपुर के अध्यक्ष रजनीश सिंह, सचिव सहकारिता आर. प्रसन्ना, सहकारी संस्थाओं के पंजीयक रमेश शर्मा तथा अपेक्स बैंक रायपुर के महाप्रबंधक युगल किशोर वर्मा सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। सहकारिता मंत्री केदार कश्यप ने केंद्रीय सहकारिता मंत्री अमित शाह की सहकार से समृद्धि की परिकल्पना के अनुरूप प्रदेश में संचालित पैक्स समितियों के माध्यम से उपलब्ध कराई जा रही योजनाओं और सुविधाओं की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि प्राथमिक कृषि सहकारी समितियां ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं और इन्हें अधिक सक्षम, आधुनिक एवं आत्मनिर्भर बनाने के लिए सभी स्तरों पर समन्वित प्रयास आवश्यक हैं। बैठक में पैक्स समितियों के कार्यों, उपलब्धियों और योगदान पर चर्चा करते हुए दुग्ध, मत्स्य, बुनकर तथा अन्य सहकारी समितियों के व्यवसाय का विस्तार करने के निर्देश दिए गए। साथ ही किसानों एवं ग्रामीणों तक अधिकाधिक सरकारी योजनाओं का लाभ सहकारी संस्थाओं के माध्यम से पहुंचाने पर जोर दिया गया। प्रदेश के सहकारी बैंकों के अध्यक्षों ने सहकारिता मंत्री के समक्ष बैंकों और समितियों से जुड़े कई महत्वपूर्ण लंबित मुद्दे भी रखे। इनमें रिक्त पदों पर भर्ती की अनुमति, समिति स्तर के कर्मचारियों का संबंधित विकासखंड के भीतर स्थानांतरण, धान खरीदी के दौरान आने वाली व्यवहारिक समस्याओं का समाधान, बैंक के कालातीत ऋणों की वसूली के लिए एकमुश्त समझौता योजना लागू करना, अनुकंपा नियुक्ति में पदों की बाध्यता को शिथिल करना तथा कर्मचारियों के भत्ता एवं एक्सग्रेशिया भुगतान जैसी मांगें प्रमुख रहीं। मंत्री ने इन सभी विषयों पर गंभीरता से विचार करते हुए उनके निराकरण के लिए सकारात्मक पहल करने का आश्वासन दिया। बैठक में सचिव सहकारिता आर. प्रसन्ना ने सहकारी संस्थाओं को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और आधुनिक बनाने के लिए डिजिटल तकनीक के अधिकतम उपयोग तथा सदस्यों की सक्रिय भागीदारी बढ़ाने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि तकनीक आधारित कार्यप्रणाली से सहकारी संस्थाओं की कार्यक्षमता और विश्वसनीयता दोनों में वृद्धि होगी। वहीं सहकारी संस्थाओं के पंजीयक रमेश शर्मा ने प्रदेश की सभी सहकारी समितियों के डिजिटल आधुनिकीकरण और कंप्यूटरीकरण को प्राथमिकता देने की आवश्यकता बताई। उन्होंने नियमित मॉनिटरिंग, ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता अभियान चलाने, सरकारी योजनाओं का लाभ सहकारी संस्थाओं के माध्यम से आम लोगों तक पहुंचाने तथा उत्पादों की बेहतर मार्केटिंग और भंडारण व्यवस्था विकसित करने पर विशेष जोर दिया। बैठक के अंत में सहकारिता मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि प्रदेश में सहकारिता आंदोलन को और अधिक मजबूत, पारदर्शी एवं जनहितैषी बनाने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है। सहकारी बैंकों एवं समितियों से जुड़े सभी व्यवहारिक और प्रशासनिक मुद्दों का चरणबद्ध समाधान किया जाएगा, ताकि प्रदेश की सहकारी संस्थाएं ग्रामीण विकास और किसानों की आर्थिक समृद्धि में और अधिक प्रभावी भूमिका निभा सकें।


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