वैदिक पंचांग के अनुसार, मंगलवार 06 जनवरी को माघ माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी है। इस शुभ अवसर पर लंबोदर संकष्टी चतुर्थी मनाई जाएगी। लंबोदर संकष्टी चतुर्थी को सकट चौथ के नाम से भी जाना जाता है। यह पर्व हर साल माघ माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को मनाया जाता है।
सकट चौथ का पर्व सकट माता को समर्पित है। इस दिन सकट माता और भगवान गणेश की भक्ति भाव से पूजा की जाती है। साथ ही संतान सुख और संतान की लंबी आयु के लिए व्रत रखा जाता है। इस व्रत के पुण्य-प्रताप से व्रती की हर मनोकामना पुरी होती है।
ज्योतिषियों की मानें तो माघ माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी पर सर्वार्थ सिद्धि योग कई मंगलकारी संयोग बन रहे हैं। इन योग में सकट माता की पूजा करने से सुख, सौभाग्य और वंश में वृद्धि होगी। आइए, सकट चौथ का शुभ मुहूर्त और योग जानते हैं-
वैदिक पंचांग के अनुसार, मंगलवार 06 जनवरी को सुबह 08 बजकर 01 मिनट पर माघ माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि अगले साल शुरू होगी। वहीं, 07 जनवरी को सुबह 06 बजकर 52 मिनट पर माघ माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि का समापन होगा। सनातन धर्म में उदया तिथि से दिन की गणना होती है। इसके लिए 06 जनवरी को सकट चौथ का पर्व मनाया जाएगा।
ज्योतिषियों की मानें तो सकट चौथ पर सर्वार्थ सिद्धि योग का संयोग बन रहा है। सर्वार्थ सिद्धि योग का संयोग सुबह 06 बजकर 59 मिनट से लेकर दोपहर 12 बजकर 17 मिनट तक है। इस योग में सकट माता की पूजा करने से व्रती की हर मनोकामना पूरी होगी। साथ ही शुभ कामों में सिद्धि और सफलता मिलेगी।
वहीं, माघ माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि पर प्रीति योग का निर्माण हो रहा है। इस योग का निर्माण रात 08 बजकर 21 मिनट तक है। इसके बाद आयुष्मान योग का संयोग है। इन योग में भगवान गणेश और सकट माता की पूजा करने से साधक के सकल मनोरथ सिद्ध होंगे।