आरंग : संस्कृति विभाग अंतर्गत संचालनालय पुरातत्व, अभिलेखागार एवं संग्रहालय रायपुर द्वारा आयोजित 07 दिवसीय कार्यशाला के दूसरे दिन आज डॉ. बिंद ने पुरातत्त्वीय उत्खनन के पहले की तैयारी, उत्खनन में प्रयोग किए जाने वाले उपकरण, कार्य योजना, उत्खनन के प्रकारों और उत्खनन खातों सहित पुरावस्तुओं का प्रलेख तैयार करने के विषय में बतलाया। कार्यक्रम संयोजक डॉ. पी. सी. पारख ने बतलाया कि इस संगोष्ठी में एक तरफ हैदराबाद जैसे मेट्रो शहर के तो दूसरी ओर बस्तर के सुदूर वनांचल दंतेवाड़ा के दंडामी माडिया समुदाय के प्रतिभागी भाग ले रहे हैं। वहीं स्नातक से लेकर पीएचड़ी कर चुके विद्यार्थी भी हैं। पुरातत्त्ववेता श्री प्रभात कुमार सिंह ने कार्यक्रम का संचालन किया। उल्लेखनीय है कि इस कार्यशाला में छत्तीसगढ़ सहित नई दिल्ली, राजस्थान, तेलंगाना, पश्चिम बंगाल, मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश और हिमाचल प्रदेश के इतिहास, पुरातत्व और मानवविज्ञान के छात्र और शोधार्थी भाग ले रहे हैं।