October 30, 2026


फसल छती सर्वे करवाने शासन का ध्यान नहीं : भागवत साहू

पटवारी हड़ताल के लंबा खींचने से राजस्व के कामकाज हो रहे हैं प्रभावित*

राजनांदगांव :- जिला कांग्रेस कमेटी ग्रामीण के पूर्व अध्यक्ष भागवत साहू ने भाजपा सरकार पर किसान हितों की अनदेखी का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि अर्णब तूफान से जिले सहित प्रदेश में फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है लेकिन अब तक फसल क्षति का सर्वे कराने की दिशा में सरकार की ओर से ठोस पहल नजर नहीं आ रही है। वहीं पटवारियों की लंबी होती हड़ताल से राजस्व विभाग का कामकाज प्रभावित होने के साथ किसानों और आम नागरिकों को भी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

श्री साहू ने प्रदेश की भाजपा सरकार पर किसानों की समस्याओं के प्रति गंभीरता नहीं दिखाने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में किसानों को एक ओर प्राकृतिक आपदा के कारण फसलों के नुकसान का सामना करना पड़ रहा है वहीं दूसरी ओर शासन-प्रशासन की ओर से फसल क्षति का सर्वे कराने में हो रही देरी उनकी चिंता बढ़ा रही है। श्री साहू ने कहा कि अर्णब तूफान के चलते राजनांदगांव जिले सहित प्रदेश के कई क्षेत्रों में किसानों की फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है। खेतों में खड़ी फसल प्रभावित होने से किसानों के सामने आर्थिक संकट की स्थिति निर्मित हो रही है। ऐसे समय में शासन की प्राथमिकता होनी चाहिए कि प्रभावित किसानों के खेतों का तत्काल सर्वे कराया जाए, ताकि वास्तविक नुकसान का आकलन कर उन्हें नियमानुसार राहत और मुआवजा मिल सके। लेकिन सरकार की ओर से इस दिशा में अपेक्षित पहल नहीं की जा रही है। उन्होंने कहा कि पटवारियों की हड़ताल लंबी खिंचने से राजस्व विभाग के कामकाज पर भी असर पड़ रहा है। राजस्व से जुड़े अनेक जरूरी कार्य प्रभावित हो रहे हैं। इसका खामियाजा केवल किसानों को ही नहीं, बल्कि आम नागरिकों को भी भुगतना पड़ रहा है। आय, जाति, निवास प्रमाण पत्र, नामांतरण, सीमांकन सहित राजस्व विभाग से जुड़े अन्य कार्यों के लिए लोगों को परेशान होना पड़ रहा है। श्री साहू ने कहा कि किसानों के लिए फसल का नुकसान केवल एक कृषि संबंधी समस्या नहीं, बल्कि उनके पूरे परिवार की आजीविका से जुड़ा विषय है। किसान पहले ही खेती की लागत, खाद-बीज और अन्य कृषि संसाधनों पर खर्च कर चुके हैं। ऐसे में प्राकृतिक आपदा से फसल खराब होने पर उन्हें आर्थिक सहायता की आवश्यकता है। यदि समय रहते फसल क्षति का सर्वे नहीं कराया गया तो किसानों को राहत मिलने में और देरी हो सकती है। उन्होंने राज्य सरकार से मांग की कि पटवारियों की हड़ताल समाप्त कराने के लिए आवश्यक पहल की जाए ताकि राजस्व विभाग का कामकाज सामान्य हो सके। साथ ही प्रभावित क्षेत्रों में तत्काल फसल क्षति सर्वे शुरू कराकर किसानों को नियमानुसार राहत और मुआवजा उपलब्ध कराया जाए। श्री साहू ने कहा कि सरकार को किसानों और आम जनता की समस्याओं को प्राथमिकता देते हुए समयबद्ध कार्रवाई करनी चाहिए। जनहित से जुड़े मुद्दों पर देरी से लोगों की परेशानियां बढ़ती हैं। किसानों को राहत देने के लिए सरकार को अब ठोस कदम उठाने चाहिए।



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