राजनांदगांव : पत्नी को प्रताड़ित करने और आत्महत्या के लिए उकसाने के मामले में न्यायालय ने पति, सास और ससुर को पांच-पांच वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। अपर सत्र न्यायाधीश, फास्ट ट्रैक कोर्ट राजनांदगांव ने गुरुवार को फैसला सुनाते हुए तीनों पर जुर्माना भी लगाया।
मामला डोंगरगढ़ थाना क्षेत्र के अमलीडीह गांव का है। अभियोजन के अनुसार, नववधू मुकेश्वरी वर्मा का विवाह मई 2020 में सामाजिक रीति-रिवाज से हुआ था। विवाह के बाद वह अपने ससुराल में रहने लगी। आरोप था कि पति धनंजय वर्मा, सास दशमत वर्मा और ससुर भावसिंह वर्मा उसे घरेलू बातों को लेकर प्रताड़ित करते थे। इससे परेशान होकर मुकेश्वरी ने नवंबर 2022 में कीटनाशक का सेवन कर लिया। उपचार के दौरान दो दिन बाद पेंड्री स्थित मेडिकल कालेज अस्पताल में उसकी मृत्यु हो गई।
पुलिस ने मामले में मर्ग कायम कर जांच की। जांच और विवेचना के बाद प्रकरण न्यायालय में प्रस्तुत किया गया। सुनवाई के दौरान आरोप सिद्ध पाए जाने पर न्यायालय ने पति धनंजय वर्मा, सास दशमत वर्मा और ससुर भावसिंह वर्मा को भारतीय दंड संहिता की धारा 498ए के तहत एक-एक वर्ष के सश्रम कारावास और 500-500 रुपये अर्थदंड तथा धारा 306 के तहत पांच-पांच वर्ष के सश्रम कारावास और 500-500 रुपये अर्थदंड से दंडित किया। प्रकरण में छत्तीसगढ़ शासन की ओर से पैरवी अतिरिक्त लोक अभियोजक अरुण कुमार गुप्ता ने की।