किरंदुल : न केवल भारतवर्ष अपितु समस्त विश्व के सनातनियों की लगभग 550 वर्षों की प्रतीक्षा समाप्त होने वाली है वह शुभ घड़ी अब शीघ्र ही आने वाली है, जिसकी खुशी में लौहनगरी किरंदुल में बैलाडीला देवस्थान समिति एवं गायत्री परिवार किरंदुल के तत्वाधान में बाबा विश्वनाथ की देवनगरी काशी की अन्तर्राष्ट्रीय कथा वाचिका देवी ऋचा मिश्रा की अमृतवाणी से तीन दिवसीय श्री रामकथा एवं भजन संध्या का शुभारंभ शनिवार को श्री राघव दरबार किरंदुल में किया गया। श्री रामकथा का शुभारंभ एनएमडीसी लिमिटेड के मुख्यालय हैदराबाद से पधारे मुख्य सतर्कता अधिकारी बी विश्वनाथ, श्रीमती विश्वनाथ, बीआईओएम किरंदुल परियोजना के मुख्य महाप्रबंधक पदमनाभ नाईक, श्रीमती नाईक, मुख्य महाप्रबंधक (वर्क्स), महाप्रबंधक (उत्पादन) आर राजकुमार, महाप्रबंधक (विद्युत सेवाएं) एन सुब्रमण्यन, महाप्रबंधक (माइनिंग) एस के कोचर, उप महाप्रबंधक (कार्मिक) बी के माधव, बैलाडीला देवस्थान समिति के सचिव ए के सिंह के द्वारा मर्यादा पुरुषोत्तम श्री रामचन्द्र जी की आरती एवं पूजा अर्चना के साथ किया गया।
सनातनी परम्पराओं के अनुसार स्वागत सत्कार के पश्चात देवी ऋचा मिश्रा द्वारा श्री रामकथा का शुभारंभ करते हुए "राम" के शाब्दिक अर्थ रा से "राष्ट्र" और म से "मंगल" की व्याख्या की गई तथा समस्त श्रद्धालुजनों से आव्हान किया गया कि सिर्फ एक दिन की शोभायात्रा, रैली, पूजन तक ही सीमित न रहें, अपितु सदैव ही श्री रामचन्द्र जी को अपने चरित्र में उतारने का प्रयास करें और पुण्यलाभ अर्जित करते हुए अपने जीवन को सार्थक बनावें। नगरपरिवार के श्रद्धालुजनों द्वारा भक्तिरस में डूबकर करतल ध्वनियों के साथ झूमकर प्रभु आराधना में लीन हो गए।