राजनांदगांव: भाजपा नेता अशोक चौधरी ने पाक अधिकृत कश्मीर यानी पीओके और बलूचिस्तान में विद्रोही स्वर के बीच को लेकर कहा है कि दोनों प्रदेशों को पाकिस्तान से अलग कर नया देश बना दिया जाए। इससे वहां की जानता का जीवन आसान और शांतिपूर्ण हो सकेगा। साथ ही क्रूरता की हदें पार करने वाले पाकिस्तान के सत्तासीनों को करारा जवाब भी मिलेगा।
चौधरी ने अपने बयान में कहा कि वर्तमान में पीओके को लेकर बहुत से विद्वानों का खासतौर से विपक्षी विद्वानों का यह कहना कि अभी तक पीओके, जिसे हम पाक अधिकृत कश्मीर कहते हैं भारत में शामिल क्यों नहीं हुआ? सर्व विदित है कि पीओके में वहां की जनता पाकिस्तान सरकार के उतने ही खिलाफत कर रहे हैं जैसा 1971 के दौर में बांग्लादेश में हो रहा था। ऐसे में हमें सोचना यह है कि एक नंगे-भूखे लोगों के समूह को भारत में शामिल करके हम अपना सुख चैन क्यों खोयें? इसी तरह बलूचिस्तान में मैं भी पाक सरकार की ख़िलाफत हो रही है। भारत सरकार को चाहिए कि इन दोनों प्रदेशों को पाकिस्तान के नक्शे से काटकर अलग देश के रूप में पहचान दिलवा दे। नहीं तो उन्हें अपने हाल पर छोड़ दें और वह पाकिस्तान के नाक में दम करते रहें जहां तक बने हमें उनकी छद्म मदद करना चाहिए। उन्होंने कहा कि वे व्यक्तिगत रूप से भारत में रह रहे मुसलमान भाइयों का अपने देश के प्रति जो समर्पण या व्यवहार है, उससे निष्कर्ष निकलता है कि पीओके के भारत में शामिल करने से कश्मीर की समस्या के साथ-साथ भारत के लिए भी समस्या खड़ी होगी। इसलिए इस पर सोच विचार कर निर्णय लेना चाहिए। वर्तमान में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरकार के निर्णय से वे सहमत हैं।