May 10, 2022


निवेशकों को जागरूक करने एनएसडीएल ने शुरू किया मार्केट का एकलव्य कार्यक्रम

एनएसडीएल ने भारत में डिजिटल प्रतिभूति बाजार के संचालन के 25 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में जश्न मनाया 

मुंबई। भारत की सबसे बड़ी डिपॉजिटरी, राष्ट्रीय प्रतिभूति डिपॉजिटरी लिमिटेड (एनएसडीएल) ने भारतीय पूंजी बाजार में सेवा के 25 गौरवशाली वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में जश्न मनाया। इस गौरवपूर्ण अवसर पर केंद्रीय वित्त मंत्री, श्रीमती निर्मला सीतारमण, भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) की अध्यक्षा, श्रीमती माधबी पुरी बुच, तथा मुख्य महा-डाकपाल, श्रीमती वीणा रामकृष्ण श्रीनिवास सहित अन्य गणमान्य व्यक्तियों ने अपनी उपस्थिति से कार्यकम की शोभा बढ़ाई। 

विगत 25 वर्षों में एनएसडीएल के शानदार सफर को दर्शाने वाले एक कॉर्पोरेट वीडियो के अनावरण के साथ मुंबई में इस कार्यक्रम की शुरुआत हुई। 

वित्त मंत्री, श्रीमती निर्मला सीतारमण ने हिंदी तथा अन्य क्षेत्रीय भाषाओं में छात्रों के लिए एक निवेशक जागरूकता कार्यक्रम मार्केट का एकलव्य का शुभारंभ किया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य छात्रों को प्रतिभूति बाजार की बुनियादी बातों से अवगत कराना है। भारत की कुल 1.36 बिलियन आबादी में से डीमैट खाताधारकों, इक्विटी में निवेश करने वाले लोगों की संख्या केवल 7 प्रतिशत है। इस जागरूकता कार्यक्रम के माध्यम से भावी निवेशकों को निवेश से जुड़े जोखिम एवं इससे मिलने वाले प्रतिफल के बारे में शिक्षित का लक्ष्य रखा गया है।

वित्त मंत्री, श्रीमती निर्मला सीतारमण ने कहा, मार्केट का एकलव्य के माध्यम से आप ऐसे कई लोगों तक पहुंच सकेंगे जिन्हें वित्तीय साक्षरता की जरूरत है। यह समय सबसे उपयुक्त है क्योंकि लोगों में बाजार के बारे में जानने की प्रवृत्ति दिखाई दे रही है, साथ ही एनएसडीएल का दृष्टिकोण और अपनाया गया माध्यम भी एकदम उपयुक्त है। दुनिया भर के युवा इस प्रकार की पहल से लाभान्वित क्योंकि इसे कई भाषाओं में उपलब्ध कराया जाएगा। 

वर्ष 2019-20 में हर महीने औसतन 4 लाख नए डीमैट खाते खोले गए, और वर्ष 2020-21 में तीन गुना की बढ़ोतरी के साथ संख्या 12 लाख डीमैट खाते प्रति माह तक पहुंच गई और वर्ष 2021-22 में एक बार फिर यह संख्या बढ़कर लगभग 26 लाख डीमैट खाते प्रति माह हो गई।

बुनियादी ढांचे के निर्माण की दिशा में हो रहा काम

इस उद्योग जगत के पहले ऐसे प्लेटफॉर्म के लोकार्पण के अवसर पर, श्रीमती माधबी पुरी बुच ने कहा, डिपॉजिटरी नई तकनीकों को अपनाने तथा प्रतिभूति एवं निर्गम संबंधी प्रसंविदाओं (कोवेनेन्ट) की निगरानी के लिए महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे के निर्माण की दिशा काम कर रहा है। भविष्य में आज के दिन को अत्यंत महत्वपूर्ण अवसर के रूप में भी याद किया जाएगा, क्योंकि बाजार में डिस्ट्रीब्यूटेड लेजर टेक्नोलॉजी के उपयोग के मामले में हम पहला कदम उठा रहे हैं।

वित्त मंत्री ने भारतीय पूंजी बाजारों के विकास में एनएसडीएल के योगदान का सम्मान करते हुए माई स्टाम्प और विशेष कवर भी जारी किया। मुख्य महा-डाकपाल, श्रीमती वीणा रामकृष्ण श्रीनिवास ने इस कार्यक्रम का संचालन किया और बताया कि एनएसडीएल के रजत जयंती समारोह के उपलक्ष्य में टिकट जारी किया गया है।

प्रौद्योगिकी और विश्वास एनएसडीएल के मूल आधार

एनएसडीएल की प्रबंध निदेशक एवं सीईओ, श्रीमती पद्मजा चंद्रू, ने कहा, प्रौद्योगिकी, विश्वास और विस्तृत दायरे तक पहुंच ही हमारे संगठन के मूल आधार हैं। एनएसडीएल हमेशा सेवा के उच्चतम मानकों में यकीन रखता है, साथ ही हम अपने ग्राहकों को सहूलियत प्रदान करने के उद्देश्य से लगातार नई खोज करना और नई तकनीकों को अपनाना जारी रखेंगे।


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