राजनांदगांव :- जिले के स्कूली विद्यार्थियों को सुनहरे भविष्य की राह दिखाने तथा जेईई (JEE) और नीट (NEET) जैसी कठिन प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में सहयोग देने के उद्देश्य से एक नई एवं प्रभावी पहल की शुरुआत की गई है। इसके तहत जिले में ऑनलाइन कैरियर मार्गदर्शन कक्षाओं का विधिवत शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम के पहले ही दिन जिले के 152 स्कूलों के 15 हजार 151 विद्यार्थियों तथा 1,270 शिक्षकों ने ऑनलाइन क्लास से जुड़कर इस पहल को ऐतिहासिक सफलता दिलाई।
कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव ने स्वयं मुख्य वक्ता के रूप में ऑनलाइन कक्षा लेकर विद्यार्थियों को कैरियर चयन, सटीक लक्ष्य निर्धारण, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी और भविष्य की संभावनाओं के संबंध में बहुमूल्य मार्गदर्शन दिया।
शनिवार और रविवार को सुबह 8 से 9 बजे तक लगेंगी कक्षाएं
जिले में शुरू की गई इस विशेष पहल के अंतर्गत कक्षा 11वीं एवं 12वीं के विद्यार्थियों को नियमित रूप से मार्गदर्शन दिया जाएगा। ऑनलाइन कक्षाओं का आयोजन प्रत्येक शनिवार एवं रविवार को सुबह 8 बजे से 9 बजे तक होगा। इन कक्षाओं में विभिन्न क्षेत्रों के विषय विशेषज्ञ एवं प्रशासनिक अधिकारी विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी, विषय चयन की रणनीति और कैरियर के विविध अवसरों की जानकारी देंगे।
कलेक्टर की सीख: 11वीं-12वीं का समय तय करता है भविष्य की दिशा
ऑनलाइन कक्षा को संबोधित करते हुए कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव ने कहा कि कक्षा 11वीं और 12वीं का समय भविष्य की दिशा तय करने के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण होता है। इन दो वर्षों में तय किए गए लक्ष्य और की गई कड़ी मेहनत जीवन में बड़ी उपलब्धियां दिलाती है। उन्होंने विद्यार्थियों को समय के सदुपयोग, नियमित अभ्यास और निरंतर परिश्रम का महत्व समझाया। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी अपनी रुचि और क्षमता के अनुसार लक्ष्य का चुनाव करें और उसे हासिल करने के लिए पूरे आत्मविश्वास के साथ जुट जाएं।
डॉ. कलाम के जीवन संघर्ष से दी प्रेरणा
कलेक्टर ने पूर्व राष्ट्रपति एवं महान वैज्ञानिक डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम के संघर्षमय जीवन का प्रेरक उदाहरण प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि आर्थिक कठिनाइयों के बीच समाचार पत्र बेचकर पढ़ाई करने वाले डॉ. कलाम का सपना फाइटर पायलट बनने का था, लेकिन चयन न होने के बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी। अपनी लगन और दृढ़ संकल्प के बल पर वे देश के सर्वोच्च पद तक पहुंचे। कलेक्टर ने विद्यार्थियों से कहा कि असफलता से निराश होने के बजाय उससे सीख लेकर आगे बढ़ना चाहिए।
असीमित संभावनाएं उपलब्ध: जिला शिक्षा अधिकारी
कार्यक्रम के दौरान जिला शिक्षा अधिकारी श्री प्रवास सिंह बघेल ने विद्यार्थियों को गणित, जीव विज्ञान, रक्षा सेवाओं, रेलवे, बैंकिंग, व्यवसाय एवं स्वरोजगार जैसे विभिन्न क्षेत्रों में उपलब्ध कैरियर अवसरों की जानकारी दी। उन्होंने विद्यार्थियों को जिज्ञासु बनने और प्रश्न पूछने के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि किसी एक परीक्षा का परिणाम जीवन की सफलता या असफलता का अंतिम निर्धारण नहीं करता। विद्यार्थियों के सामने आगे बढ़ने के लिए असीमित अवसर मौजूद हैं, बस जरूरत अपनी क्षमता पहचानकर सही दिशा में कदम बढ़ाने की है।