राजनांदगांव :- श्री सांई सेवा धर्मार्थ संस्थान द्वारा गुरु पूर्णिमा महोत्सव 2026 के अवसर पर 29 एवं 30 जुलाई को राजनांदगांव में दो दिवसीय धार्मिक आयोजन किया जाएगा। कार्यक्रम में सांई बाबा की पालकी, आरती, अभिषेक तथा भव्य भंडारे का आयोजन होगा। आयोजन में शामिल होने के लिए छत्तीसगढ़ विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह को भी आमंत्रण दिया गया है।
अनंतकोटि ब्रह्मांड नायक, राजाधिराज योगीराज परब्रह्म श्री सच्चिदानंद सद्गुरु सांईनाथ महाराज की असीम कृपा से प्रतिवर्ष आयोजित होने वाला गुरु पूर्णिमा महोत्सव इस वर्ष भी श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया जाएगा। श्री सांई सेवा धर्मार्थ संस्थान एवं उमंग गणेश उत्सव समिति के संयुक्त तत्वावधान में 29 एवं 30 जुलाई 2026 को हमालपारा शनि मंदिर रोड स्थित सांई मंदिर परिसर में विभिन्न धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। कार्यक्रम के तहत 29 जुलाई को प्रातः 7 बजे सांई बाबा की विशेष आरती एवं अभिषेक होगा। वहीं संध्या 7 बजे बाबा की भव्य पालकी यात्रा श्रद्धालुओं की मौजूदगी में निकाली जाएगी। पालकी यात्रा के दौरान सांई भजनों, जयघोष और भक्तिमय वातावरण से पूरा क्षेत्र गुंजायमान रहेगा। इसके बाद 30 जुलाई को दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक श्रद्धालुओं के लिए विशाल प्रसादी (भव्य भंडारा) का आयोजन किया जाएगा। संस्थान ने नगर एवं आसपास के सभी श्रद्धालुओं से परिवार सहित कार्यक्रम में शामिल होकर सांई बाबा का प्रसाद ग्रहण करने और पुण्य लाभ अर्जित करने की अपील की है। इसी क्रम में श्री सांई सेवा धर्मार्थ संस्थान के अध्यक्ष शरद सिन्हा के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने रायपुर स्थित निवास पर छत्तीसगढ़ विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह से सौजन्य भेंट कर उन्हें गुरु पूर्णिमा महोत्सव का आमंत्रण पत्र भेंट किया। प्रतिनिधिमंडल ने उन्हें कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होने का आग्रह किया जिस पर डॉ. रमन सिंह ने कार्यक्रम में सम्मिलित होने का आश्वासन देते हुए आयोजन की सफलता के लिए शुभकामनाएं दीं। संस्थान के पदाधिकारियों ने बताया कि गुरु पूर्णिमा महोत्सव केवल धार्मिक आयोजन नहीं बल्कि श्रद्धा, सेवा और मानवता का संदेश देने वाला पर्व है। हर वर्ष बड़ी संख्या में श्रद्धालु इस आयोजन में शामिल होकर सांई बाबा का आशीर्वाद प्राप्त करते हैं। इस वर्ष भी आयोजन को भव्य और सुव्यवस्थित बनाने के लिए व्यापक तैयारियां की गई हैं। श्रद्धालुओं की सुविधा, प्रसादी वितरण, पार्किंग एवं अन्य व्यवस्थाओं के लिए स्वयंसेवकों की अलग-अलग समितियां बनाई गई हैं ताकि आने वाले प्रत्येक भक्त को किसी प्रकार की असुविधा न हो।