राजनांदगांव: बाल विवाह रोकने के लिए अब पंचायतों में नाबालिगों का रिकार्ड बनाया जाएगा। 16 से 18 वर्ष अायु वर्ग की किशोरियों को चिह्नांकित कियाा जाएगा। वहीं पंचायत के रजिस्टर में नाम, पिता का नाम, गांव, उम्र सहित अन्य जानकारी एकत्रित की जाएगी। ताकि बाल विवाह की सूचना मिलने पर मौके पर पहुंचकर सत्यापन किया जा सके। वहीं रिकार्ड से किशोरी की उम्र की जानकारी तुरंत मिल जाएगी। इसके अलावा अलग-अलग टीम भी बनाई गई है, जो बाल विवाह पर नजर रख रही है। बीते वर्ष करीब चार बाल विवाह रोका गया था। बाल विवाह मुक्त छत्तीसगढ़ अभियान चलाया जा रहा है। इसके लिए पंचायत स्तर से ही विशेष नजर रखी जा रही है। पंचायतों में सरपंच के माध्यम से किशोर-किशोरियों की सूची तैयार की जा रही है।
शादी में शामिल होने वालों पर होगी कार्रवाई
बाल विवाह रोकने टीम मुस्तैद हो गई है। खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में विशेष टीम बनाई गई है। जिसमें आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के साथ-साथ कोटवारों व सुपरवाइजरों को शामिल किया गया है। अप्रैल-मई माह में करीब 300 से अधिक शादियां होनी वाली है। यदि कहीं बाल विवाह होता है तो उस पर सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी। शादी में शामिल होने वाले सभी लोगाें को दोषी बनाया जाएगा। बाल संरक्षण अधिकारी सीके लाडे ने बताया कि बाल विवाह अधिनियम 2006 लागू किया गया है, जिसके अंतर्गत बाल विवाह करवाने वाले वर-वधु दोनों पक्षों के माता-पिता, भाई-बहन, अन्य पारिवारिक सदस्यों, विवाह करवाने वाले पंडित अथवा अन्य धर्मगुरू, विवाह में शामिल बाराती, घराती, बाजेवाले, घोडेवाले, टेंटवाले, हलवाई तथा विवाह कार्यक्रम में सम्मिलित होने वाले अन्य सभी संबंधित व्यक्तियों पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। विवाह रोकने हेल्पलाइन नंबर भी जारी कर दिए गए हैं। इसके अलावा आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, कोटवारों को अधिकारियों के संपर्क भी दिए जा रहे हैं। ताकि समय पर सूचना मिल सके।