बेंगलुरू। देश के मेक इन इंडिया विजन में योगदान करने और कार्बन उत्सजज़्न में तेजी से कमी लाने के अपने प्रयास में टोयोटा समूह की कंपनियों ने 4,800 करोड़ रुपये के अपने कुल निवेश में से 4,100 करोड़ रुपये के निवेश के लिए कर्नाटक सरकार के साथ एमओयू किया है। टोयोटा समूह की कंपनियों में टोयोटा किर्लोस्कर मोटर और टोयोटा किर्लोस्कर ऑटो पाटर््स शामिल हैं।
एमओयू का आदान-प्रदान कर्नाटक के मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई और विक्रम एस किर्लोस्कर, वाइस-चेयरमैन, टोयोटा किर्लोस्कर मोटर के बीच हुआ। इस संबंध में हुए समझौते के भाग के रूप में टोयोटा समूह की कंपनीज भारत को एक आत्मनिर्भर विनिर्माण केंद्र बनाने की दिशा में व्यवस्थित रूप से निवेश करेगी। मेक इन इंडिया और आत्म निर्भर भारत मिशन में योगदान देगी।
निवेश का उद्देश्य हरित प्रौद्योगिकियों को बढ़ावा देना है जो जीवाश्म ईंधन पर निर्भरता कम करने और कार्बन उत्सर्जन को कम करने में मदद करेंगे। इस निवेश से स्थानीय उत्पादन सुविधाओं के लिए इलेक्ट्रिक पावरट्रेन पार्ट्स और घटकों का निर्माण संभव होगा।
कर्नाटक के मुख्यमंत्री बसव राज बोम्मई ने कहा, हमारा उद्देश्य 21वीं सदी के नए औद्योगिक टाउनशिप और कॉरिडोर बनाकर नए भारत के लिए नया कर्नाटक बनाना है। एक ऐसे राज्य के रूप में जो सतत विकास के लिए प्रतिबद्ध है और देश की प्रगति में योगदान कर रहा है, हम अपने बिल्ड फॉर द वल्र्ड मिशन के तहत कर्नाटक को एक वैश्विक आपूर्ति-श्रृंखला और विनिर्माण केंद्र बनाना चाहते हैं। टोयोटा ग्रुप ऑफ कंपनीज के साथ यह समझौता ज्ञापन इस संबंध में एक बड़ी प्रगति है।
राज्य के बड़े और मध्यम उद्योग मंत्री, डॉ. मुरुगेश आर. निरानी ने कहा, टोयोटा समूह के निवेश से कर्नाटक में स्थानीय आपूर्तिकर्ता का विकास बेहतर होगा तथा इससे और निवेश आएगा, रोजगार के मौके तैयार होंगे। स्थानीय निर्माण क्षेत्र को आगे बढ़ाने के साथ ये निवेश स्थानीय समुदाय के विकास का भी समर्थन करेगा।
टोयोटा किर्लोस्कर मोटर के वाइस चेयरमैन विक्रम एस. किर्लोस्कर ने कहा, टोयोटा मेक इन इंडिया के साथ घरेलू उत्पादन को मजबूत करने के लिए विद्युतीकरण की गति को बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है। टोयोटा समग्र दृष्टिकोण में विश्वास करती है और इसका उद्देश्य राज्य और देश के सतत विकास में दृढ़ता से योगदान करना है, क्योंकि हम हरित भविष्य में कदम रख रहे हैं।