हर साल चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से हिंदू नववर्ष और विक्रम संवत की शुरुआत होती है। इस दिन से ही चैत्र नवरात्र का पर्व प्रारंभ होता है। इसके साथ ही चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि पर गुड़ी पड़वा का पर्व मनाया जाता है। यह पर्व महाराष्ट्र में धूमधाम से मनाया जाता है। आइए, गुड़ी पड़वा की सही तिथि, शुभ मुहूर्त एवं योग जानते हैं।
गुड़ी पड़वा शुभ मुहूर्त
वैदिक पंचांग के अनुसार, चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि की शुरुआत (Chaitra Shukla Pratipada) 19 मार्च को सुबह 06 बजकर 52 मिनट पर होगी और 20 मार्च को सुबह 04 बजकर 52 मिनट पर समाप्त होगी। उदया तिथि गणना अनुसार 19 मार्च को गुड़ी पड़वा मनाया जाएगा। इस दिन से चैत्र नवरात्र की शुरुआत होगी।
ज्योतिषियों की मानें तो चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि पर शुक्ल योग का संयोग है। शुक्ल योग का संयोग देर रात 01 बजकर 17 मिनट तक है। इसके साथ ही अभिजीत मुहूर्त का भी संयोग है। इसके अलावा, उत्तर भाद्रपद नक्षत्र का संयोग हैं। इन योग में जगत की देवी मां दुर्गा की पूजा करने से साधक को मनोवांछित फल (Gudi Padwa Puja Vidhi) की प्राप्ति होगी।