February 27, 2026


प्रदोष व्रत कब है 28 फरवरी या 1 मार्च? नोट कर लें सही तारीख और मुहूर्त

पुराणों में प्रदोष व्रत की बड़ी महिमा बताई गई है। कहते हैं इस व्रत को करने से अच्छे स्वास्थ्य और लंबी आयु की प्राप्ति होती है। ये व्रत हर महीने में दो बार आता है। इसे त्रयोदशी व्रत के नाम से भी जाना जाता है। इस दिन भगवान शिव की पूजा प्रदोष काल में किए जाने का विधान है। ऐसा भी कहा जाता है कि जो कोई इस व्रत को सच्चे मन से करता है उसकी समस्त मनोकामनाएं पूर्ण हो जाती हैं। चलिए आपको बताते हैं आमलकी एकादशी के बाद प्रदोष व्रत किस दिन पड़ रहा है।

प्रदोष व्रत 2026 तिथि व मुहूर्त 

  1. प्रदोष व्रत -  1 मार्च 2026, रविवार
  2. प्रदोष पूजा मुहूर्त - 06:21 PM से 07:09 PM
  3. त्रयोदशी तिथि प्रारम्भ - 28 फरवरी 2026 को 08:43 PM बजे
  4. त्रयोदशी तिथि समाप्त - 01 मार्च 2026 को 07:09 PM बजे

प्रदोष व्रत का महत्व 

धार्मिक मान्यताओं अनुसार प्रदोष व्रत रखने से दीर्घायु, अच्छे स्वास्थ्य और समाज में प्रतिष्ठा की प्राप्ति होती है। कहते हैं जो कोई भक्त पूरी श्रद्धा से ये व्रत रखता है उसकी समस्त मनोकामनाएं पूर्ण हो जाती हैं। यह व्रत विशेषतः उन लोगों के लिए लाभकारी होता है जो लोग आत्मविश्वास की कमी से जूझ रहे हों।

प्रदोष व्रत की विधि 

प्रदोष काल में बेलपत्र, धतूरा, भांग, अक्षत, दीप, धूप, गंगाजल आदि से भगवान शिव की विधिवत पूजा करें। प्रदोष व्रत की कथा सुनें। भगवान शिव के मंत्रों का जाप करें। शिव चालीसा पढ़ें। शिवलिंग पर जल चढ़ाएं। भगवान शिव की आरती उतारकर पूजा संपन्न करें। इस दिन दान भी जरूर करना चाहिए।


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