राजनांदगांव :अनजान लिंक, फर्जी एपीके फाइल और ओटीपी साझा करने की एक छोटी-सी चूक साइबर ठगी का कारण बन सकती है। ऐसे में सतर्कता ही बचाव का सबसे प्रभावी उपाय है। विद्यार्थियों को साइबर अपराधों के प्रति जागरूक करने के लिए राजनांदगांव पुलिस की साइबर सेल ने आरगांव में आयोजित सात दिवसीय राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) विशेष शिविर में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया। इसमें 100 से अधिक विद्यार्थियों को साइबर ठगी के तरीके और उससे बचाव की जानकारी दी गई।
मिनीमाता शासकीय कन्या पालीटेक्निक राजनांदगांव की ओर से आयोजित शिविर में साइबर सेल के आरक्षक हेमंत साहू और ओमराज साहू ने विद्यार्थियों को आनलाइन ठगी, फिशिंग लिंक, फर्जी एपीके फाइल, ओटीपी साझा करने और सोशल मीडिया के माध्यम से होने वाले अपराधों के बारे में बताया। कार्यक्रम में मिनीमाता शासकीय कन्या पालीटेक्निक और शासकीय हायर सेकेंडरी स्कूल आरगांव के विद्यार्थी शामिल हुए। इस अवसर पर सात दिवसीय विशेष शिविर की जिला संगठक एवं कार्यक्रम अधिकारी मोनिका दास, राष्ट्रीय सेवा योजना की सहायक कार्यक्रम अधिकारी हेमलता लहरे, शासकीय हायर सेकेंडरी स्कूल आरगांव के प्राचार्य अजय देवांगन, शिक्षक संतोष भट्टाचार्य और देवेंद्र चुरेंद्र सहित साइबर सेल के जवान तथा दोनों संस्थानों के विद्यार्थी उपस्थित रहे।
फर्जी फाइल और संदिग्ध लिंक से रहें सावधान
पुलिस टीम ने बताया कि साइबर अपराधी आकर्षक उपहार, फर्जी आफर और संदिग्ध लिंक के माध्यम से लोगों को जाल में फंसाते हैं। मोबाइल में भेजी गई संदिग्ध एपीके फाइल डाउनलोड या इंस्टाल करने से बचना चाहिए। अनजान व्यक्ति के साथ ओटीपी, बैंक खाते से जुड़ी जानकारी या निजी विवरण साझा नहीं करना चाहिए। विद्यार्थियों को फेसबुक, इंस्टाग्राम और एक्स जैसे इंटरनेट माध्यमों का सावधानी से उपयोग करने की सलाह दी गई।