दुर्ग। शहर में सरकारी स्वास्थ्य विभाग की लचर व्यवस्था को लेकर आम नागरिकों में भारी नाराज़गी देखने को मिल रही है। अस्पतालों में डॉक्टरों की कमी और समय पर उचित इलाज न मिलने से मरीजों को गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। कई मामलों में मरीजों को समय पर उपचार न मिलने के कारण स्थिति और बिगड़ने की शिकायतें भी सामने आई हैं।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि सरकारी अस्पतालों में मूलभूत सुविधाओं का अभाव है, वहीं डॉक्टरों की अनुपस्थिति से मरीजों को निजी अस्पतालों का सहारा लेना पड़ रहा है, जिससे उन पर आर्थिक बोझ भी बढ़ रहा है। यह स्थिति प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती है।
इसी मुद्दे को उठाते हुए दुर्ग के एक जागरूक नागरिक मोहम्मद अख्तर चौहान ने प्रशासन और सरकार का ध्यान आकर्षित किया है। उन्होंने कहा कि आम जनता की समस्याओं को नजरअंदाज करना कहीं न कहीं शासन की विफलता को दर्शाता है।
अब देखना यह होगा कि भाजपा सरकार के विधायक और मंत्री इस गंभीर समस्या पर क्या कदम उठाते हैं और कब तक स्वास्थ्य व्यवस्था में सुधार हो पाता है। फिलहाल, जनता को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं का इंतजार है।