June 01, 2026


मंत्री के निर्देशों की अनदेखी पर भड़के नपा अध्यक्ष, सीएमओ के खिलाफ खोला मोर्चा

आरंग : नगर पालिका परिषद आरंग में जनप्रतिनिधियों की अनदेखी और प्रशासनिक कार्यप्रणाली को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। छत्तीसगढ़ शासन की महत्वाकांक्षी योजना सुशासन तिहार के तहत 8 मई को आयोजित समाधान शिविर में क्षेत्रीय विधायक एवं कैबिनेट मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने वार्ड क्रमांक 13 स्थित मिनी माता स्मृति भवन के वर्षों से अधूरे पड़े निर्माण कार्य को लेकर मुख्य नगर पालिका अधिकारी (सीएमओ) को मंच से ही कड़ी फटकार लगाई थी।

मंत्री ने सीएमओ को निर्देश दिया था कि दो दिनों के भीतर निर्माण कार्य प्रारंभ कराया जाए। साथ ही स्पष्ट चेतावनी दी थी कि यदि संबंधित ठेकेदार कार्य शुरू नहीं करता है तो उसका ठेका निरस्त कर नया टेंडर जारी किया जाए। हालांकि मंत्री के निर्देशों के कई सप्ताह बाद भी निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सका है और न ही ठेकेदार के खिलाफ कोई कार्रवाई की गई है।

इस मामले को गंभीरता से लेते हुए नगर पालिका अध्यक्ष डॉ. संदीप जैन ने सीएमओ के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। उन्होंने जिला कलेक्टर रायपुर को पत्र लिखकर आरोप लगाया है कि सीएमओ ने मंत्री के स्पष्ट निर्देशों की अवहेलना की है तथा जनप्रतिनिधियों की लगातार उपेक्षा करते हुए मनमानीपूर्ण कार्यशैली अपनाई है। अध्यक्ष ने सीएमओ के विरुद्ध सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की मांग की है।

डॉ. जैन ने अपने पत्र में कहा है कि मंत्री के निर्देशों का पालन नहीं होने से आम जनता में शासन-प्रशासन की कार्यप्रणाली तथा सुशासन तिहार की सार्थकता पर सवाल खड़े हो रहे हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सीएमओ द्वारा कई महत्वपूर्ण मामलों में परिषद और जनप्रतिनिधियों को विश्वास में नहीं लिया गया।

अध्यक्ष ने केवल मिनी माता भवन का मुद्दा ही नहीं उठाया, बल्कि एएचपी (अफोर्डेबल हाउसिंग इन पार्टनरशिप) योजना के तहत आवास आबंटन प्रक्रिया पर भी आपत्ति जताई है। उनका कहना है कि आवास आबंटन की प्रक्रिया उनकी अनुपस्थिति में पूरी कर दी गई, जो जनप्रतिनिधियों के अधिकारों और प्रोटोकॉल की अनदेखी है।

इसके अलावा वर्ष 2026-27 के नगर पालिका बजट को लेकर भी अध्यक्ष ने गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने बताया कि बजट तैयार करने और परिषद में प्रस्तुत करने के लिए 16 मार्च 2026 को लिखित निर्देश दिए गए थे, लेकिन नियमानुसार 31 मार्च तक परिषद में प्रस्तुत किया जाने वाला बजट समय पर पेश नहीं किया गया। इसे 27 अप्रैल की सामान्य सभा में प्रस्तुत किया गया, जो निर्धारित समय सीमा से काफी विलंब था।

डॉ. जैन का कहना है कि लगातार जनप्रतिनिधियों को नजरअंदाज करना, महत्वपूर्ण जानकारियां उपलब्ध नहीं कराना और शासन के निर्देशों का पालन नहीं करना परिषद की लोकतांत्रिक व्यवस्था को प्रभावित कर रहा है। उन्होंने कलेक्टर से निष्पक्ष जांच कर सीएमओ के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की है, ताकि भविष्य में शासन, परिषद और जनप्रतिनिधियों के निर्देशों का समयबद्ध पालन सुनिश्चित किया जा सके।

नगर पालिका अध्यक्ष के इस कड़े रुख के बाद नगर की राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। वहीं मिनी माता स्मृति भवन का अधूरा निर्माण कार्य और मंत्री के निर्देशों के बावजूद कार्रवाई न होने से नगर पालिका की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठने लगे हैं।


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