April 30, 2026


शासकीय अरविंद महाविद्यालय किरन्दुल में भारतीय ज्ञान प्रणाली : गुरुकुल से वैश्विक तक विषय पर दो दिवसीय सेमिनार आयोजित


किरंदुल।लौहनगरी किरन्दुल में 29 अप्रैल बुधवार  “भारतीय ज्ञान प्रणाली : गुरुकुल से वैश्विक तक” विषय पर दो दिवसीय राष्ट्रीय सेमिनार का शुभारंभ अथितियों के गरिमामय उपस्थिति में हुआ।कार्यक्रम का उद्देश्य वर्तमान वैश्विक परिप्रेक्ष्य में भारतीय ज्ञान परंपरा की महत्ता, प्रासंगिकता एवं समृद्ध विरासत को उजागर किया गया।इस दो दिवसीय राष्ट्रीय सेमिनार का आयोजन शासकीय अरविन्द महाविद्यालय किरंदुल के द्वारा तथा छत्तीसगढ़ काउंसिल ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी रायपुर के प्रयोजन एवं आर्सेलर मित्तल निप्पॉन स्टील इंडिया लिमिटेड किरंदुल एवं एनएमडी सी किरंदुल के सहयोग से हुआ।

कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन, सरस्वती वंदना एवं छत्तीसगढ़ राजकीय गीत के साथ हुआ।अतिथियों का पुष्पगुच्छ देकर सम्मान किया गया। महाविद्यालय के प्राचार्य एवं सत्राध्यक्ष डॉ. आर के हिरकने ने भारतीय शिक्षा पद्धति की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि शिक्षा में नैतिकता, अनुशासन एवं सामाजिक उत्तरदायित्व का समावेश आवश्यक हैं।

मुख्य अतिथि रविंद्र नारायण अधिशासी निदेशक बीआईओएम किरंदुल ने भारतीय ज्ञान प्रणाली को समाज निर्माण का आधार बताते हुए विद्यार्थियों को अपनी सांस्कृतिक विरासत पर गर्व करने हेतु प्रेरित किया।इसके पश्चात विशिष्ट अथिति एजीएम एचआर शैलेन्द्र सोनी ने आधुनिक तकनीक एवं पारंपरिक ज्ञान के समन्वय की आवश्यकता पर बल दिया।डीजीएम एचआर के एल नागवेणी ने विद्यार्थियों को भारतीय मूल्यों के साथ वैश्विक दृष्टिकोण अपनाने की प्रेरणा दी।

 आमंत्रित वक्ता पद्मश्री बुधरी ताती दीदी ने अपने प्रेरणादायी उद्बोधन में गुरु-शिष्य परंपरा, जनजातीय संस्कृति एवं मातृशक्ति के महत्व पर प्रकाश डाला।उन्होंने “अरुणि और उसके गुरु” की कथा के माध्यम से समर्पण,अनुशासन एवं गुरु सम्मान का संदेश दिया। 

मुख्य वक्ता डॉ. रंजना नाथ ने योग, आयुर्वेद, दर्शन, गणित एवं भारतीय ज्ञान परंपरा के वैज्ञानिक पक्षों पर विस्तार से प्रकाश डाला।

कार्यक्रम के अंतर्गत पोस्टर प्रस्तुतीकरण भी आयोजित किया गया, जिसमें विद्यार्थियों एवं शोधार्थियों ने भारतीय ज्ञान प्रणाली से संबंधित अपने विचार प्रस्तुत किए। 

संगोष्ठी के सफल आयोजन में संयोजक डॉ. मनीष कुमार, सह-संयोजक सुखराज नुरेटी एवम रजनी मंडल,आयोजन सचिव डॉ. रवि रंजन कुमार, तकनीकी प्रबंधक डॉ धीरेन्द्र टंडन तथा राष्ट्रीय संगोष्ठी की समस्त आयोजन समिति के सदस्यों का विशेष योगदान रहा।उद्घाटन सत्र अत्यंत ज्ञानवर्धक, प्रेरणादायी एवं सफल रहा वहीं  मंच संचालन निकिता दुबे द्वारा की गई।


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