October 26, 2026


फसलों को बेमौसम बारिश से बचाने स्थिति देखकर ही करें कटाई

चिंता में किसान: मौसम विभाग ने 27 से 29 अक्टूबर तक दे रखी है भारी वर्षा की चेतावनी

राजनांदगांव: बंगाल की खाड़ी में चक्रवाती तूफान की आशंका से कटाई को तैयार खड़ी फसलों पर खतरा मंडराने लगा है। धान की अर्ली वेरायटी वाली फसल कटनी शुरू हो चुकी है। कुछ फसल दीपावली के बाद काटी जाएगी। इस बीच मौसम विभाग ने 27 से 29 अक्टूबर तक भारी वर्षा की चेतावनी जारी कर किसानों को चिंता में डाल दिया है। इस बेमौसम बारिश से धान की बालियां झड़ने और फसल गिरने से नुकसान हो सकता है। कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को फसल की सुरक्षा के लिए सावधानी बरतने की सलाह दी है।

जिले में इस खरीफ वर्ष में लगभग 1.80 लाख हेक्टेयर में फसल ली गई है। कुल 1.71 लाख हेक्टेयर में अनाज की खेती की गई है। इसमें अकेले धान का रकबा 1.70 हेक्टेयर के आसपास है। कृषि विभाग के अनुसार 1209 हेक्टेयर में दलहन की फसल है, जबकि तिलहन फसलों का रकबा इस बार 2096 हेक्टेयर है। मानसून की अपेक्षित सक्रियता के कारण इस बार धान के साथ अन्य सभी फसलें बेहतर होने से अच्छी पैदावार की संभावना है। इस बीच मौसम विभाग ने इन तीन दिनों में अतिभारी वर्षा की चेतावनी जारी की है। इससे किसानों की चिंता बढ़ गई है।

खेतों में धान की फसल कटाई के लिए तैयार है। वर्षा होने पर धान की बालियां झड़ने और फसल गिरने से नुकसान हो सकता है। किसानों की चिंता इस पर है कि वर्षा के पानी में भीगने से फसल सड़ सकती है। हालांकि मध्यम और देर से पकने वाली धान की फसलों को वर्षा से राहत मिल सकती है, लेकिन तेज हवा से खड़ी फसल के गिरने का खतरा भी है। दलहन और तिलहन की फसलें भी पकने की अवस्था में हैं। बेमौसम बारिश या बादल छाए रहने से इनमें कीटों का प्रकोप बढ़ सकता है। दलहन और तिलहन में बादल छाए रहने से कीटों का प्रकोप बढ़ सकता है। ऐसे में किसानों को सतर्क रहना होगा।

 काटकर खेत में न छोड़ें 

अर्ली वेरायटी की धान फसल कटाई के लायक हो चुकी है। ऐसे में किसान मौसम के पूर्वानुमान और फसल की स्थिति देखकर ही कटाई करें। जल्द पक चुकी धान की फसल की कटाई के बाद उसे खेत में न छोड़ें।

टीकम सिंह ठाकुर, उप संचालक, कृषि



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