आज कल लोगों में बैड कोलेस्ट्रॉल की समस्या तेजी से बढ़ती जा रही है। इसका सबसे बड़ा कारण है अनहेल्दी डाइट और एक्सरसाइज की कमी। दरअसल, डाइट में अनहेल्दी, बाहर के जंक फ़ूड का सेवन और ट्राइग्लिसराइड वाले फूड्स शरीर में कोलेस्ट्रॉल बढ़ने की वजह बन सकते हैं। बैड कोलेस्ट्रॉल बढ़ने से दिल कमजोर हो जाता है और लोग हार्ट से जुड़ी बीमारियों की चपेट में तेजी से आते हैं। ऐसे में अगर आप अपने हार्ट को मजबूत बनाना चाहते हैं और दवाइयों से अपने आप को कोसों दूर रखना चाहते हैं तो वॉक आपको इस समस्या से बचने में मदद कर सकता है। चलिए हम आपको बताते हैं कोलेस्ट्रॉल को कंट्रोल करने में वॉक कितना फायदेमंद है और उम्र के हिसाब से कितना चलना चाहिए?
हाई कोलेस्ट्रॉल में वॉकिंग
जब आप वॉक करते हैं तो शरीर की मांसपेशियों पर जोर पड़ता है और लगातार वॉक करना शरीर के फैट और ट्राइग्लिसराइड को पिघलाने में मदद करता है। जब आप एक तेज गति से वॉक करते हैं तो शरीर से पसीना निकलता है। इससे मांसपेशियों में जमा फैट और ट्राइग्लिसराइड में कमी आती है।
कितने घंटे करें वॉक?
अगर आपका बैड कोलेस्ट्रॉल बढ़ा हुआ है तो खाने के बाद भी वॉक करना चाहिए। लगभग हर दिन 30 मिनट से 45 मिनट तक वॉक करें और ऐसे वॉक करें कि शरीर से पसीना निकलने लगे। यानी आप ब्रिस्क वॉक भी कर सकते हैं।
उम्र के हिसाब से कितना चलना चाहिए?
हर रोज कम से कम आधा घंटे की वॉक जरूर करनी चाहिए। दिनभर में अगर आप 10,000 कदम चल लें तो यह सबसे बेहतर है। चलिए हम आपको बताते हैं उम्र के हिसाब से प्रतिदिन कितना वॉक करना चाहिए।
वॉकिंग के फायदे
वॉक गुड कोलेस्ट्रॉल को बढ़ाता है और खराब कोलेस्ट्रॉल को कम करता है। वॉक, मोटापा कंट्रोल करने के साथ शरीर का मेटाबोलिक रेट बढ़ाता है। इससे आप जो भी खाते हैं वो तुरंत पच जाता है और वेस्ट भी मांसपेशियों में जमा नहीं होता जिससे की फैट या कोलेस्ट्रॉल की मात्रा कंट्रोल में रहती है।