June 06, 2026


कृषि विभाग की बड़ी कार्रवाई : खाद की कालाबाजारी पर घुमका का देवांगन कृषि केंद्र सील

राजनांदगांव :- खरीफ सीजन की शुरुआत के साथ ही किसानों को खाद-बीज की सुगम उपलब्धता सुनिश्चित करने और कालाबाजारी पर अंकुश लगाने के लिए प्रशासन ने सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। कलेक्टर जितेन्द्र यादव के निर्देशानुसार कृषि विभाग की टीम ने जिले के विभिन्न कृषि केंद्रों पर औचक दबिश देकर बड़ी कार्रवाई की है। इस दौरान घुमका स्थित एक कृषि केंद्र में भारी अनियमितता और निर्धारित दर से अधिक मूल्य पर खाद बेचने की शिकायत सही पाए जाने पर उसके विक्रय परिसर को सील कर दिया गया है। वहीं अर्जुनी स्थित एक अन्य दुकान में गड़बड़ी मिलने पर सात दिनों के लिए बिक्री पर प्रतिबंध लगा दिया गया है।

बिना वैध दस्तावेजों के मिला स्टॉक, ऊंचे दामों पर बेच रहे थे डीएपी और यूरिया

कृषि विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, विभाग की टीम ने राजनांदगांव विकासखंड के अंतर्गत ग्राम घुमका स्थित देवांगन कृषि केंद्र का औचक निरीक्षण किया। जांच के दौरान संचालक के पास बिना किसी वैध अभिलेख और दस्तावेजों के 39 बैग डीएपी, 24 बैग (20:20:0:13) तथा 8 बैग (28:28:0) उर्वरक का भंडारण पाया गया, जो प्रथम दृष्टया अवैध पाया गया।

टीम ने पाया कि डीएपी उर्वरक को उसके निर्धारित भंडारण स्थल के बजाय अन्य गुप्त स्थान पर छिपाकर रखा गया था, जो उर्वरक (नियंत्रण) आदेश 1985 के प्रावधानों का स्पष्ट उल्लंघन है। इसके अलावा, मौके पर मौजूद किसानों के बयान दर्ज किए गए, जिसमें यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि संचालक द्वारा डीएपी उर्वरक 2400 रुपये प्रति बैग तथा यूरिया 700 रुपये प्रति बैग की अत्यधिक ऊंची दर पर बेचा जा रहा था। निर्धारित मूल्य से अधिक दर पर बिक्री और नियमों के उल्लंघन पर टीम ने तत्काल देवांगन कृषि केंद्र के विक्रय परिसर को सील कर दिया। इस कार्रवाई में उर्वरक निरीक्षक अविनाश दुबे एवं ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी मिथलेश साहू मुख्य रूप से शामिल रहे।

अर्जुनी के श्री राम कृषि केंद्र पर भी गिरी गाज

शिकायत के आधार पर कृषि विभाग की टीम ने ग्राम अर्जुनी स्थित श्री राम कृषि केंद्र में भी दबिश दी। निरीक्षण के दौरान दुकान में कई गंभीर अनियमितताएं उजागर हुईं, जिनमें:

किसानों को खाद बिक्री का पक्का बिल न देना।

स्टॉक और बिक्री पंजी (रजिस्टर) का सही तरीके से संधारण न करना।

बिना आधिकारिक पर्चा (दस्तावेज) देखे ही मनमाने ढंग से खाद का विक्रय करना।

इन गड़बड़ियों को देखते हुए विभाग ने स्टॉक को 7 दिवसों के लिए जब्ती सुपुर्दगी में लेते हुए दुकान पर तत्काल प्रभाव से विक्रय प्रतिबंध लगा दिया है और संचालक को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।

किसानों के हित में जारी रहेगी कार्रवाई: प्रशासन

कलेक्टर का कड़ा रुख:

"जिले में सहकारी और निजी दोनों ही क्षेत्रों के माध्यम से किसानों को आवश्यक मात्रा में उर्वरकों का पारदर्शी और निर्धारित दर पर वितरण सुनिश्चित किया जा रहा है। अवैध जमाखोरी, ओवररेटिंग या कालाबाजारी करने वाले व्यापारियों को कतई बख्शा नहीं जाएगा। कृषि विभाग का यह जांच अभियान आगे भी निरंतर जारी रहेगा।" जितेन्द्र यादव, कलेक्टर, राजनांदगांव


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