राजनांदगांव: लगातार बढ़ती महंगाई ने अब आम आदमी की थाली और रसोई दोनों पर सीधा असर डालना शुरू कर दिया है। खाद्य तेल और रोजमर्रा की जरूरी वस्तुओं के दाम बढ़ने के बाद अब दूध, दही और पनीर जैसे डेयरी उत्पाद भी महंगे हो गए हैं। शहर में डेयरी उत्पादों की कीमतों में 20 से 80 रुपये तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जिससे मध्यमवर्गीय और निम्न आय वर्ग के परिवारों का मासिक बजट पूरी तरह प्रभावित हो रहा है। दूध और दुग्ध उत्पादों की कीमतों में आई अचानक बढ़ोतरी ने उपभोक्ताओं की चिंता बढ़ा दी है। पहले जहां गाय का दूध 50 रुपये प्रति लीटर मिल रहा था, वहीं अब इसकी कीमत बढ़कर 60 रुपये प्रति लीटर हो गई है। इसी तरह 70 रुपये किलो बिकने वाला दही अब 90 रुपये किलो तक पहुंच गया है। पनीर के दामों में भी उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई है। पहले 380 रुपये प्रति किलो बिकने वाला पनीर अब 410 रुपये प्रति किलो में मिल रहा है।
डेयरी उत्पाद हो रहे दूर
शहर के बाजारों और डेयरी दुकानों में उपभोक्ताओं के बीच बढ़ती कीमतों को लेकर चर्चा बनी हुई है। गृहिणियों का कहना है कि पहले ही रसोई गैस, सब्जियों और खाद्य तेलों की कीमतों ने घर का बजट बिगाड़ रखा था, अब दूध और उससे जुड़े उत्पादों के महंगे होने से रोजमर्रा का खर्च और बढ़ गया है। बच्चों और बुजुर्गों के लिए जरूरी माने जाने वाले डेयरी उत्पाद अब कई परिवारों की पहुंच से धीरे-धीरे दूर होते नजर आ रहे हैं।
लगातार बढ़ रहा खर्च
डेयरी संचालक अतुल यादव के अनुसार दूध उत्पादन लागत में लगातार वृद्धि हो रही है। पशुओं के चारे, भूसे, दाने, बिजली और परिवहन खर्च बढ़ने के कारण डेयरी व्यवसाय पर सीधा असर पड़ा है। उन्होंने बताया कि उत्पादन लागत बढ़ने के चलते कीमतों में बढ़ोतरी करना मजबूरी बन गई है। गर्मी के मौसम में दूध उत्पादन में कमी भी कीमतों में वृद्धि का एक बड़ा कारण है। दूसरी ओर उपभोक्ताओं को डर है कि यदि महंगाई का यही हाल रहा तो आने वाले दिनों में डेयरी उत्पादों के दाम और बढ़ सकते हैं। लगातार बढ़ती खाद्य महंगाई का सबसे ज्यादा असर मध्यमवर्गीय परिवारों पर पड़ रहा है।