May 28, 2026


मेरे दो भाइयों ने मिलकर मेरी इज्जत और जान बचाई - प्रेमलता साहू

भाई बहू और उनके कुछ परिजनों सहित पुलिस कर्मियों पर गंभीर आरोप

राजनांदगांव : बोर्ड परीक्षा के समय मोबाइल फोन का अनावश्यक उपयोग करने से मना करना एक परिवार के लिए गंभीर विवाद का कारण बन गया यहां तक की इज्जत लेने और जान से मारने के प्रयास का कारण बन गया। गांव जंजगिरी चरोदा थाना कुम्हारी तहसील भिलाई 3 जिला दुर्ग की रहने वाली प्रेमलता साहू ने आज पत्रकार वार्ता में बड़े पारिवारिक विवाद को लेकर अपनी भाई बहू और उनके कुछ अन्य परिजनों तथा कुछ पुलिस कर्मियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं 

प्रेमलता साहू का कहना है कि पूरा विवाद बोर्ड परीक्षा के दौरान बच्चों को मोबाइल फोन के अत्यधिक उपयोग से रोकने को लेकर शुरू हुआ जिसने बाद में हिंसक रूप ले लिया। प्रेमलता साहू के अनुसार उनके छोटे भाई थानसिंह साहू अपने बच्चों को परीक्षा के समय मोबाइल का कम उपयोग करने की समझाइश दे रहे थे। इसी बात पर पत्नी पुष्पा साहू और बच्चों के साथ विवाद बढ़ गया। आरोप है कि थानसिंह के साथ मारपीट की गई और उन्हें गंभीर रूप से चोट पहुंचाई गई। थानसिंह ने अपनी बहन प्रेमलता को फोन कर मदद के लिए बुलाया। प्रेमलता खाना लेकर अपने मायके ग्राम उसरीबोड़ पहुंचीं। लेकिन वहां पहुंचते ही विवाद और उग्र हो गया। प्रेमलता साहू ने आरोप लगाया कि घर पहुंचने पर उनके साथ अभद्र व्यवहार किया गया। उन्होंने कहा कि डुमनलाल साहू, भूनूराम साहू, मोहेंद्र साहू, पूर्णिमा साहू, पुष्पा साहू, वंदना साहू, सौरभ साहू और पुष्पेंद्र साहू सहित अन्य लोगों ने मिलकर उनके साथ मारपीट की। प्रेमलता के मुताबिक आरोपियों ने उनकी साड़ी खींची, बाल पकड़कर घसीटा और लोहे की रॉड से हमला करने का प्रयास किया। उनका मोबाइल भी छीन लिया गया। उन्होंने कहा कि उस दौरान उनके दोनों भाई थानसिंह साहू और टिकेश साहू बीच-बचाव के लिए नहीं आते तो कोई बड़ी अप्रिय घटना हो सकती थी। प्रेमलता साहू ने महिला आरक्षक पूर्णिमा साहू और थाना सूरगी के प्रभारी ढाल सिंह साहू पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि पूर्णिमा साहू पुलिस विभाग में पदस्थ होने का दबाव बनाकर मामले को प्रभावित कर रही हैं। प्रेमलता ने आरोप लगाया कि उनकी शिकायत पर उचित कार्रवाई नहीं की गई और उनके भाईयों का बयान तक दर्ज नहीं किया गया। वहीं दूसरी ओर उनके परिवार के लोगों पर एकतरफा कार्रवाई करते हुए गिरफ्तार किया गया। उन्होंने यह भी कहा कि पुलिस ने मेडिकल जांच और निष्पक्ष विवेचना नहीं कराई। प्रेमलता साहू का आरोप है कि विरोधी पक्ष ने खुद को बचाने के लिए उनके और उनके भाईयों के खिलाफ झूठी शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने कहा कि उन्हें उनके भाई थानसिंह साहू और टिकेश साहू के परिवार को लगातार धमकियां मिल रही हैं। आरोपियों द्वारा जमीन में गाड़ देने और दोबारा गांव आने पर जान से मारने जैसी धमकियां दी गईं। पत्रकार वार्ता में प्रेमलता साहू ने प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने, आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने और उन्हें व उनके परिवार को सुरक्षा उपलब्ध कराने की मांग की है। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते निष्पक्ष कार्रवाई नहीं हुई तो भविष्य में कोई बड़ी घटना हो सकती है। बोर्ड परीक्षा के दौरान मोबाइल उपयोग को लेकर विवाद, भाई थानसिंह साहू से मारपीट का आरोप, प्रेमलता साहू के साथ अभद्रता और मारपीट, साड़ी खींचने और इज्जत लूटने की कोशिश का आरोप, जान से मारने और जमीन में गाड़ देने की धमकी, पुलिसकर्मियों पर पक्षपात और दबाव में कार्रवाई करने का आरोप, परिवार को झूठे केस में फंसाने की आशंका। प्रेमलता साहू ने जिला प्रशासन और पुलिस अधीक्षक से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। साथ ही उन्होंने अपने परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील भी की है। आज प्रेस क्लब में आयोजित पत्रकार वार्ता में मुख्य रूप से प्रेमलता साहू के साथ थानसिंह साहू, टिकेश कुमार साहू , सरोजबाला साहू, भारती साहू, धीरज कुमार साहू , कुमुद‌बाला साहू आदि उपस्थित थे।


Related Post

Advertisement

Tranding News

Get In Touch