सुकमा : NEET-UG परीक्षा में पेपर लीक के मामले ने देशभर के छात्रों को हिला दिया है। इस मुद्दे पर सुकमा नगर कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष मोहम्मद हुसैन बाबा ने केंद्र सरकार और NTA पर जमकर हमला बोला।
मोहम्मद हुसैन बाबा का बयान:
"NEET का पेपर लीक होना कोई सामान्य घटना नहीं है। ये लाखों मध्यम वर्ग और गरीब परिवारों के बच्चों के भविष्य के साथ खुली डकैती है। सुकमा का बच्चा भी डॉक्टर बनने का ख्वाब देखता है। उसके मां-बाप मजदूरी करके, कर्ज लेकर कोचिंग की फीस भरते हैं।
लेकिन सरकार के नाक के नीचे पेपर 20-30 लाख में बेचा जा रहा है। अमीर का बच्चा पेपर खरीदकर डॉक्टर बन जाएगा और गरीब का बच्चा मेहनत करने के बाद भी बाहर हो जाएगा। क्या यही है 'सबका साथ, सबका विकास'?
'परीक्षा पे चर्चा' करने वाले प्रधानमंत्री बताएं कि जब पूरी परीक्षा व्यवस्था ही लीक है तो चर्चा किस बात की? NTA जैसी संस्था से एक परीक्षा तक नहीं संभल रही। ये सरकार युवाओं को 'आत्मनिर्भर' बनाने चली थी, यहां तो पेपर माफियाओं को आत्मनिर्भर बना दिया।
नगर कांग्रेस की मांग:
1. NEET परीक्षा रद्द कर बिना अतिरिक्त शुल्क दोबारा आयोजित हो।
2. पेपर लीक कांड की सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जांच हो।
3. सुकमा-बस्तर के छात्रों को हुए मानसिक और आर्थिक नुकसान का मुआवजा केंद्र सरकार दे।
4. केंद्रीय शिक्षा मंत्री नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए तुरंत पद छोड़ें।
5. नीट परीक्षार्थियों के परीक्षा केंद्र तक आवागमन के खर्चे सरकार के द्वारा वहन किया जाए, और उनके रहने और रुकने के खर्चे के साथ,
मोहम्मद हुसैन बाबा ने कहा, "अगर छात्रों के साथ न्याय नहीं हुआ तो नगर कांग्रेस सुकमा की सड़कों पर उतरेगी। हम हर उस बच्चे के साथ खड़े हैं जिसका हक मारा गया है। सरकार विज्ञापनों में करोड़ों उड़ा सकती है, लेकिन परीक्षा सुरक्षित नहीं करवा सकती। शर्मनाक है।"
उन्होंने आगे कहा कि बस्तर के आदिवासी इलाकों से डॉक्टर निकलें, ये सरकार को हजम नहीं हो रहा। इसलिए सिस्टम को जानबूझकर लचर रखा गया है। कांग्रेस इसे बर्दाश्त नहीं करेगी।"