राजनांदगांव: चेक बाउंस के मामले में अपर सत्र न्यायाधीश (एफटीसी) राजनांदगांव के पीठासीन अधिकारी विजय कुमार साहू की अदालत ने महत्वपूर्ण निर्णय सुनाते हुए आरोपित ओमप्रकाश साहू को एक वर्ष के साधारण कारावास और सात लाख रुपये प्रतिकर से दंडित किया है। अंजनी साहू ने चेक अनादरण के मामले में ओमप्रकाश साहू के विरुद्ध धारा 138 के तहत न्यायालय में परिवाद प्रस्तुत किया था। मामले की सुनवाई के दौरान विचारण न्यायालय ने आरोपित को दोषमुक्त कर दिया था। इस निर्णय से असंतुष्ट होकर परिवादिनी की ओर से अपील प्रस्तुत की गई। प्रकरण के विचारण के दौरान परिवादिनी अंजनी साहू का निधन हो गया। इसके बाद उनके पति गंगाप्रसाद साहू ने विधिक प्रतिनिधि के रूप में अधिवक्ता राकेश कुमार ठाकुर के माध्यम से अपर सत्र न्यायाधीश की अदालत में अपील की पैरवी की।
अपीलीय न्यायालय ने प्रकरण में प्रस्तुत दस्तावेजों, उपलब्ध तथ्यों और गवाहों के बयानों का विधिक परीक्षण करने के बाद अपील स्वीकार कर ली। न्यायालय ने विचारण न्यायालय के पूर्व निर्णय को अपास्त करते हुए आरोपित को चेक अनादरण के अपराध में दोषसिद्ध ठहराया और एक वर्ष के साधारण कारावास तथा सात लाख रुपये प्रतिकर का आदेश दिया। न्यायालय ने अपने आदेश में चेक की राशि और चेक अनादरण की बढ़ती घटनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि चेक से जुड़े वित्तीय लेन-देन में आम लोगों का विश्वास मजबूत बनाए रखना आवश्यक है। इसी दृष्टिकोण से आरोपित को परिवीक्षा का लाभ देना उचित नहीं माना गया। प्रकरण में परिवादिनी की ओर से अधिवक्ता राकेश कुमार ठाकुर ने पैरवी की।