गरियाबंद : सोमवार को पंचकोशी धाम कोपरा के कर्पूरेश्वरनाथ महादेव श्रद्धालुओं से गुलजार रहा। सुबह से ही पंचकोशी यात्रियों के आने का क्रम शुरू हो गया। जैसे ही गांव में पहुंचे ग्राम वासियों ने गुलाल लगाकर फूल भेंट कर स्वागत किया। जगह-जगह चाय नाश्ता का भी इंतजाम किए गए। बताना जरूरी है कि सोमवार को पंचकोशी यात्री फिंगेश्वर में ठहरे हुए थे।मंगलवार को सुबह निकलें।हर हर महादेव के जय घोष करते हुए।वह,बोरसी,बहेरापाल,कोलिहाटाड,कौंदकेरा,देवरी,जेंजरा,मुडतराई होते हुए।सीधा कोपरा पहुंचे। इस दरमियां रास्ते में ही गांव वाले ने पंचकोशी यात्रियों के स्वागत में रामधुनी कार्यक्रम का आयोजन किए गए साथ ही चाय बिस्किट दाल चावल सब्जी इत्यादि भेंट करते रहे।पंचकोशी यात्री भी राम सियाराम का उच्चारण करते हुए एक एक पाव उठा रहे थे।
आज यात्रियों का दुखदाई स्थिति देखने को मिला। कई ऐसे यात्रीगण थे जिनके पांव में छाले पड़ गए थे।उनको पैदल चलने में बड़ी दिक्कत हो रही थी।लेकिन वह ईश्वर नाम को उच्चारण करते हुए।आगे बढ़ रहे थे।उनका कहना था कि जहां शिव है वही जीव है शिव के धाम जाने के लिए यदि तकलीफ मिले तो हम उसे सहन कर लेंगे और भोलेनाथ का धाम हम जरूर पहुंचेंगे। लिंग पुराण में पैदल यात्रा को बहुत शुभ बताया गया है। स्नान उपरांत कर्पूरेश्वरनाथ महादेव ने जलाभिषेक किया गया। बिल्वपत्र धतूरा कनेर एवं नारियल चढ़ा पूजन आरती की गई। मंदिर प्रांगण में हर हर महादेव का जयघोष हुआ।कोपरा शिव का धाम है।यहां आने के बाद श्रद्धालु अपने आपको प्रसन्न पाते हैं।
कमल की पांच पंखुड़ी पर यह पंचकोशी धाम स्थापित हुआ है।उसमें से यह प्रमुख धाम है। सरपंच योगेश्वरी साहू ने कहा कि कोपरा प्रमुख शिव का तीर्थ स्थल है।पंचकोशी धाम के रूप में इनकी प्रसिद्धि दूर-दूर तक है। हमारी प्रयास है कि हम यात्रियों को जो सुविधा दे सकें। हर संभव देने का प्रयास करेंगे। कोपरा में आए सभी पंचकोशी यात्रियों का हम स्वागत करते हैं। कोपेश्वर मंदिर संचालन समिति के अध्यक्ष मुन्नालाल देवदास ने कहा कि यहां का शिवलिंग कपूर के समान उज्जवल है।भगवान भोलेनाथ को कर्पूरगौरम शब्दों के साथ स्मरण किया जाता है। वैसे भी इस ग्राम की स्थापना भगवान भोलेनाथ के डमरु के आकार पर हुआ है।पंचकोशी पीठाधीश्वर सिद्धेश्वरानंद महाराज के नेतृत्व में पंचकोशी यात्रा कर रहे हैं यात्री।भक्त गण हर गॉवों में पंचकोशी यात्री का स्वागत कर रहे हैं।