राजनांदगांव: मजहब नहीं सिखाता आपस में बैर रखना, हिंदी हैं हम वतन हैं, हिंदुस्तान हमारा” की भावना को चरितार्थ करते हुए कौमी एकता समिति पिछले 18 वर्षों से मां बम्लेश्वरी मंदिर जाने वाले पदयात्रियों की सेवा कर रही है। इस बार संगम चौक तुलसीपुर में लगाए गए पंडाल में आठवीं बटालियन के जवानों ने भी सहयोग का हाथ बढ़ाया।
नवरात्रि के अवसर पर डोंगरगढ़ जाने वाले श्रद्धालुओं की सेवा में समिति कोई कसर नहीं छोड़ती। हर वर्ष की भांति समिति द्वारा वर्ष में दो बार चैत्र एवं शारदीय नवरात्रि के दौरान सेवा पंडाल लगाया गया है, जहां मां के दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं के लिए जलपान, विश्राम एवं ठहरने की व्यवस्था की गई है। इस वर्ष सेवा पंडाल में आठवीं बटालियन के जवानों ने भी वीर बलिदानियों की स्मृति में सहयोग प्रदान किया। जवानों एवं समिति के सदस्यों ने मिलकर श्रद्धालुओं की सेवा की तथा सामाजिक सद्भाव, आपसी भाईचारे और राष्ट्रीय एकता का संदेश दिया।
कौमी एकता समिति के मिर्जा हबीब बेग ने बताया कि समिति पिछले 18 वर्षों से लगातार दोनों नवरात्रियों में सेवा पंडाल लगाकर श्रद्धालुओं की सेवा कर रही है। इस सेवा कार्य में मुस्लिम समाज के सदस्य भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते हैं। समिति का उद्देश्य धर्म और मजहब से ऊपर उठकर मानवता की सेवा करना तथा समाज में आपसी प्रेम, सद्भाव और भाईचारे को मजबूत बनाना है। वहीं, सेवा पंडाल के मोनू बहादुर सिंह ने बताया कि इस पुनीत कार्य में सभी धर्मों और समाजों के लोग मिल-जुलकर सहयोग करते हैं। पंडाल में प्रत्येक सदस्य सेवाभाव के साथ श्रद्धालुओं की सहायता करता है। यह आयोजन सामाजिक एकता और धार्मिक सद्भाव की मिसाल है, जहां सभी लोग बिना किसी भेदभाव के सेवा कार्य में जुटे रहते हैं।
आठवीं बटालियन के जवान दिनेश ठाकुर ने कहा कि बटालियन के जवानों द्वारा भविष्य में सेवा पंडाल में और बेहतर व्यवस्थाएं करने का प्रयास किया जाएगा, ताकि मां बम्लेश्वरी के दर्शन के लिए आने वाले पदयात्रियों को अधिक से अधिक सुविधाएं मिल सकें। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं की सेवा और सहायता करना पुण्य का कार्य है। बटालियन के जवान आगे भी सेवाभाव के साथ इस तरह के सामाजिक कार्यों में अपना योगदान देते रहेंगे।
सभी को एक सूत्र में बांधती यह पहल
कौमी एकता समिति और आठवीं बटालियन के जवानों का यह संयुक्त प्रयास दर्शाता है कि धर्म और मजहब अलग-अलग हो सकते हैं, लेकिन मानवता, देशप्रेम और सेवा की भावना सभी को एक सूत्र में बांधती है। कौमी एकता समिति का यह सेवाभावी प्रयास समाज को संदेश देता है कि इंसानियत से बड़ा कोई धर्म नहीं और एकता से बड़ी कोई ताकत नहीं। मां बम्लेश्वरी के दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं की सेवा के माध्यम से समिति लगातार कौमी एकता, सामाजिक सद्भाव और राष्ट्रीय भाईचारे की मिसाल पेश कर रही है।
सेवा कार्य में इन सदस्यों का सहयोग
सेवा पडाल में हर वर्ग द्वारा सहयोग किया जा रहा है। कौमी एकता समिति की तरफ से मिर्जा हबीब बेग, मोनू बहादुर सिंह, गोलू सूर्यवंशी, जैकी कुरैशी, प्रदीप यादव, सोनू साहू, जावेद खान, संतोष परिहार, रूबी मानिकपुरी एवं तुकाराम सेन जुटे हुए हैं। वहीं आठवीं बटालियन के जवानों में पुखराज साहू, यूनुस खान, संजय ठाकुर, लाला श्रीवास्तव, दिनेश ठाकुर, टीनू थॉमस, क्रांति साहू, मनोज राजपूत, लखन सेन, सदानंद तिवारी एवं शरद तिवारी सेवा दे रहे हैं। इसके अतिरिक्त समाज के हर वर्ग से लोगों का जुड़ाव देखने को मिल रहा है।