रायपुर । उत्कृष्ट सामाजिक संगठन समग्र ब्राह्मण परिषद् छत्तीसगढ़ द्वारा पुरानी बस्ती के श्री महामाया देवी मंदिर परिसर में भगवान परशुराम जन्मोत्सव श्रद्धा, भक्ति और सेवा भावना के साथ मनाया गया. संगठन के प्रदेश सचिव पं.सजल तिवारी ने कार्यक्रम की जानकारी देते हुये बताया कि आयोजन का शुभारंभ भगवान परशुराम की विधिवत पूजा-अर्चना से हुआ. श्री महामाया देवी मंदिर के मंदिर व्यवस्थापक पं.विजय कुमार झा द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार के साथ पूजन संपन्न कराया गया. इसके बाद आरती और प्रसाद वितरण किया गया. आयोजन स्थल पर भक्तिमय वातावरण बना रहा और श्रद्धालुओं ने भगवान परशुराम के जीवन आदर्शों—सत्य, धर्म और न्याय—को अपनाने का संकल्प लिया. इस अवसर पर समग्र ब्राह्मण परिषद् के मुख्य सलाहकार डा.भावेश शुक्ला "पराशर" ने कहा कि समग्र ब्राह्मण परिषद् छत्तीसगढ़ द्वारा हर वर्ष भगवान परशुराम जयंती को इसी प्रकार सेवा और भक्ति के साथ मनाया जाता है. इस तरह के आयोजन सामाजिक समरसता, सहयोग और जनकल्याण की भावना को बढ़ावा देते हैं. संगठन की संस्थापक सदस्य श्रीमती प्रमिला तिवारी ने कहा कि भगवान परशुराम केवल एक धार्मिक प्रतीक ही नहीं, बल्कि अन्याय के विरुद्ध संघर्ष और धर्म की स्थापना के प्रेरणास्रोत भी हैं. उन्होंने सामाजिक स्वजनों से अपील की कि वे उनके आदर्शों को अपने जीवन में उतारें और समाज के उत्थान में सक्रिय भूमिका निभाएं।
पूजन के बाद परिषद् के सदस्यों ने पुरानी बस्ती स्थित शीतला बाजार के स्टॉल लगाकर राहगीरों, श्रमिकों और आम नागरिकों को ठंडी छाछ पिलाई तेज गर्मी में यह सेवा लोगों के लिए काफी राहतभरी साबित हुई. लोगों ने परिषद् की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे कार्य समाज में मानवीय संवेदनाओं को मजबूत करते हैं. इस अवसर पर पं.शिबू बिहारी शुक्ला, श्रीमती कालिंदी उपाध्याय, श्रीमती स्वाति मिश्रा, श्रीमती खुशबू शर्मा, श्रीमती संध्या उपाध्याय, श्रीमती प्रीति तिवारी, श्रीमती भारती शर्मा, श्रीमती अमिता तिवारी, श्रीमती कीर्तिका तिवारी, पं.शैलेन्द्र रिछारिया, पं.विवेक दुबे, पं.अनुराग त्रिपाठी, पं.श्रीकांत तिवारी, पं.राजेश धुलीराम जोशी, पं.गौरव मिश्रा, पं विवेक तिवारी, पं.चक्रेश तिवारी, पं.अभयंकर शुक्ला, पं.वेदांत तिवारी, श्रीमती विजयलक्ष्मी तिवारी, श्रीमती रेणु शर्मा, श्रीमती पूनम पांडेय, श्रीमती एकता तिवारी, श्रीमती प्रभाती मिश्रा सहित रायपुर निवासी अधिकांश संगठन सहयोगी एवं सामाजिक स्वजन उपस्थित थे।