रायपुर : प्रदेश की राजधानी रायपुर में दिनांक 10 एवं 13 मई को आयोजित होने वाले आईपीएल मैच के टिकटों की बिक्री में भारी अनियमितता एवं सुनियोजित कालाबाजारी का गंभीर मामला सामने आया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार 3 मई की सुबह जैसे ही टिकट काउंटर खोले गए, मात्र 10 मिनट के भीतर ही सभी टिकट बिक जाने की घोषणा कर दी गई। इस घटनाक्रम ने आम क्रिकेट प्रेमियों और खेलप्रेमी नागरिकों में भारी आक्रोश एवं निराशा उत्पन्न कर दी है, क्योंकि बड़ी संख्या में लोग टिकट प्राप्त करने से वंचित रह गए। प्रारंभिक जानकारी एवं जनसामान्य से प्राप्त शिकायतों से यह स्पष्ट होता है कि टिकट वितरण प्रक्रिया में पारदर्शिता का घोर अभाव रहा है। संदेह व्यक्त किया जा रहा है कि बड़ी संख्या में टिकट पहले से ही दलालों एवं बिचौलियों को उपलब्ध करा दिए गए, जिसके कारण आम जनता को टिकट खरीदने का अवसर ही नहीं मिला। इसके पश्चात अब खुलेआम टिकटों की कालाबाजारी की जा रही है, जहां ₹500 मूल्य के टिकट ₹5000 तक तथा अन्य श्रेणियों के टिकट 8 से 10 गुना अधिक कीमत पर बेचे जा रहे हैं। यह स्थिति न केवल नियमों का उल्लंघन है, बल्कि आम नागरिकों के साथ खुला अन्याय भी है।
शिवसेना के प्रदेश महासचिव रेशम लाल जांगड़े, प्रदेश प्रवक्ता संतोष शुक्ला एवं प्रदेश सचिव कमल सोनी ने संयुक्त रूप से जारी प्रेस विज्ञप्ति में कहा है कि यह पूरा प्रकरण प्रशासनिक लापरवाही, अव्यवस्था एवं संभावित मिलीभगत की ओर संकेत करता है। यदि संबंधित विभाग एवं आयोजकों द्वारा टिकट वितरण प्रक्रिया को सुव्यवस्थित, पारदर्शी एवं तकनीकी रूप से नियंत्रित किया जाता, तो इस प्रकार की स्थिति उत्पन्न ही नहीं होती। नेताओं ने यह भी कहा कि खेल जैसे पवित्र और जनभावनाओं से जुड़े आयोजन में इस प्रकार की कालाबाजारी न केवल खेल की गरिमा को ठेस पहुंचाती है, बल्कि सरकार एवं प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी प्रश्नचिह्न खड़ा करती है। यह आवश्यक है कि इस पूरे प्रकरण की उच्च स्तरीय एवं निष्पक्ष जांच कराई जाए, ताकि दोषियों की पहचान कर उनके विरुद्ध कड़ी से कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।
शिवसेना द्वारा विज्ञप्ति के माध्यम से प्रशासन से मांग की गई है कि
टिकट बिक्री प्रक्रिया की न्यायिक अथवा उच्च स्तरीय जांच कराई जाए।
कालाबाजारी में संलिप्त दलालों, बिचौलियों एवं संबंधित जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। भविष्य में टिकट वितरण हेतु ऑनलाइन पारदर्शी प्रणाली लागू की जाए, जिसमें आधार/मोबाइल सत्यापन जैसी व्यवस्था हो। आम जनता के लिए सीमित संख्या में ऑफलाइन टिकट काउंटरों पर निष्पक्ष वितरण सुनिश्चित किया जाए। स्टेडियम एवं टिकट बिक्री केंद्रों पर सीसीटीवी निगरानी अनिवार्य की जाए।
शिवसेना नेताओं ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि इस गंभीर विषय पर शीघ्र एवं प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई, तो पार्टी जनहित में उग्र आंदोलन करने के लिए बाध्य होगी, जिसकी समस्त जिम्मेदारी प्रशासन एवं आयोजकों की होगी। अंत में उन्होंने कहा कि आम नागरिकों के अधिकारों का हनन किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा और शिवसेना हमेशा जनहित के मुद्दों पर मजबूती से आवाज उठाती रहेगी।