May 03, 2026


रायपुर में जनसंख्या असंतुलन और समाधान विषय पर विश्व हिंदू परिषद की संगोष्ठी संपन्न

रायपुर। विश्व हिंदू परिषद द्वारा राजधानी रायपुर के समता कॉलोनी में “जनसंख्या असंतुलन और समाधान” विषय पर एक भव्य एवं विचारोत्तेजक संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में समाज के प्रबुद्ध नागरिकों, युवाओं, महिलाओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं और विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों ने बड़ी संख्या में भाग लिया। संगोष्ठी में भारत की जनसंख्या वृद्धि, उससे उत्पन्न सामाजिक और आर्थिक प्रभाव, क्षेत्रीय असंतुलन तथा समाधान के उपायों पर गंभीर चर्चा की गई।

राष्ट्रीय अध्यक्ष आलोक कुमार रहे मुख्य वक्ता

कार्यक्रम में विश्व हिंदू परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष Alok Kumar मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने भारत की वर्तमान जनसंख्या स्थिति पर विस्तार से अपने विचार रखे। उन्होंने कहा कि भारत आज विश्व का सर्वाधिक आबादी वाला देश बन चुका है। यह स्थिति एक ओर देश के लिए अवसर लेकर आई है, वहीं दूसरी ओर कई बड़ी चुनौतियां भी प्रस्तुत कर रही है। जनसंख्या केवल संख्या नहीं, बल्कि यह राष्ट्र की अर्थव्यवस्था, सामाजिक ढांचा, संसाधन, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार से सीधा जुड़ा विषय है।


भारत में जनसंख्या वृद्धि दर में आ रही कमी

संगोष्ठी में बताया गया कि भारत की जनसंख्या अभी भी बढ़ रही है, लेकिन इसकी वृद्धि दर में लगातार कमी देखी जा रही है। वर्ष 2011 से 2021 के दशक में जनसंख्या वृद्धि लगभग 12.5 प्रतिशत रहने का अनुमान था, जबकि वर्ष 2021 से 2031 के बीच यह दर घटकर लगभग 8.4 प्रतिशत तक आने की संभावना है। यह संकेत देता है कि देश में जागरूकता और परिवार नियोजन के प्रयासों का सकारात्मक असर दिखाई दे रहा है।

कुल प्रजनन दर में आई गिरावट

वक्ताओं ने बताया कि वर्ष 2024 तक भारत की कुल प्रजनन दर घटकर लगभग 2.0 तक पहुंच गई है, जो प्रतिस्थापन स्तर के करीब मानी जाती है। इसका अर्थ है कि अब देश में औसत परिवारों में बच्चों की संख्या नियंत्रित हो रही है। यह जनसंख्या स्थिरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण संकेत है।

उत्तर और दक्षिण भारत में जनसंख्या असंतुलन

कार्यक्रम में यह भी बताया गया कि भारत में जनसंख्या का वितरण समान नहीं है। दक्षिण भारत के कई राज्यों में प्रजनन दर काफी कम हो चुकी है, जबकि उत्तर भारत के कुछ राज्यों में अभी भी यह दर अपेक्षाकृत अधिक है। इससे क्षेत्रीय जनसंख्या असंतुलन की स्थिति बन रही है, जिसका प्रभाव संसदीय प्रतिनिधित्व, संसाधन वितरण और सामाजिक योजनाओं पर पड़ सकता है।

लिंग अनुपात भी बड़ी चुनौती

संगोष्ठी में लिंग अनुपात को भी एक गंभीर विषय बताया गया। कई क्षेत्रों में पुरुषों और महिलाओं की संख्या में बड़ा अंतर देखा जा रहा है। वक्ताओं ने कहा कि समाज में बेटियों के प्रति सकारात्मक सोच, शिक्षा और समान अवसर की भावना को मजबूत करना आवश्यक है।

युवा आबादी भारत की ताकत

कार्यक्रम में बताया गया कि वर्ष 2011 के अनुसार भारत की लगभग 27 प्रतिशत आबादी 10 से 24 वर्ष आयु वर्ग की थी। यह भारत के लिए एक बड़ी शक्ति है। यदि युवाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, कौशल प्रशिक्षण और रोजगार उपलब्ध कराया जाए तो यही युवा शक्ति भारत को विश्व नेतृत्व तक पहुंचा सकती है।

जनसंख्या वृद्धि के प्रमुख कारणों पर चर्चा

वक्ताओं ने कहा कि चिकित्सा सुविधाओं में सुधार के कारण शिशु मृत्यु दर और सामान्य मृत्यु दर में कमी आई है, जिससे जनसंख्या वृद्धि हुई। ग्रामीण और पिछड़े क्षेत्रों में शिक्षा की कमी के कारण परिवार नियोजन के महत्व को लोग पूरी तरह नहीं समझ पाते। गरीबी, सामाजिक जागरूकता की कमी और कम उम्र में विवाह भी जनसंख्या वृद्धि के प्रमुख कारण हैं।

बढ़ती आबादी के दुष्परिणाम

संगोष्ठी में बताया गया कि बढ़ती जनसंख्या के कारण जमीन, पानी, खाद्यान्न और प्राकृतिक संसाधनों पर भारी दबाव बढ़ रहा है। बड़ी कार्यशील आबादी के लिए पर्याप्त रोजगार उपलब्ध कराना चुनौती बनता जा रहा है। शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाएं, सड़क, आवास और अन्य बुनियादी ढांचे पर भी अतिरिक्त दबाव पड़ रहा है।

सरकार के प्रयासों की सराहना

कार्यक्रम में बताया गया कि भारत सरकार परिवार नियोजन, महिला सशक्तिकरण, शिक्षा विस्तार और स्वास्थ्य सेवाओं के माध्यम से जनसंख्या वृद्धि को नियंत्रित करने के लिए विभिन्न योजनाएं चला रही है। इन प्रयासों से देश की प्रजनन दर में गिरावट दर्ज की गई है।

सामाजिक समरसता पर भी हुई चिंतन बैठक

कार्यक्रम के दौरान सामाजिक समरसता विषय पर समाज के प्रमुखजनों के साथ विशेष चिंतन बैठक भी आयोजित की गई। इसमें सामाजिक एकता, सांस्कृतिक मूल्यों की रक्षा, पारिवारिक व्यवस्था और राष्ट्र निर्माण में समाज की भूमिका पर चर्चा हुई।

इनकी रही प्रमुख उपस्थिति

इस अवसर पर विहिप के प्रदेश मंत्री पूर्णेन्द्र सिंह ,प्रदेश उपाध्यक्ष शिशुपाल , प्रदेश प्रवक्ता ऋषि मिश्रा विहिप जिला अध्यक्ष भगवती शर्मा, बजरंग दल प्रमुख शुभम नाग,विहिप विभाग मंत्री हरदीप सिंह सैनी ,जिला मंत्री बंटी कटरे सहित भाजपा, विहिप और बजरंग दल के प्रदेश पदाधिकारी ,कार्यकर्ता और समाज के गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

सफलतापूर्वक संपन्न हुआ कार्यक्रम

विश्व हिंदू परिषद द्वारा आयोजित यह संगोष्ठी अत्यंत सफल और प्रभावशाली रही। उपस्थित लोगों ने इसे समय की आवश्यकता बताते हुए ऐसे विषयों पर निरंतर जनजागरण चलाने की आवश्यकता जताई। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रहित, सामाजिक जागरूकता और संतुलित विकास के संकल्प के साथ हुआ।


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