खैरागढ़: शहर में खाद्य सामग्री की गुणवत्ता को लेकर लगातार सामने आ रही शिकायतों ने पूरे बाजार तंत्र को कठघरे में खड़ा कर दिया है। मिठाई दुकानों से लेकर किराना प्रतिष्ठानों और फास्ट-फूड आउटलेट्स तक, कई स्थानों पर अमानक और एक्सपायरी खाद्य सामग्री के खुलेआम बिक्री के आरोप लगाए जा रहे हैं। हाल ही में मानव मंदिर प्रतिष्ठान में ‘मैंगो डेजर्ट’ को लेकर सामने आए विवाद के बाद यह मुद्दा और अधिक गंभीर हो गया है। बाजार में कई जगहों पर ऐसे उत्पाद बेचे जा रहे हैं जिनकी एक्सपायरी डेट समाप्त हो चुकी होती है या वे लंबे समय से सही तरीके से स्टोर नहीं किए जाते। कई पैकेटों पर लेबलिंग स्पष्ट नहीं होती, जिससे उपभोक्ता यह समझ ही नहीं पाते कि उत्पाद उपयोग योग्य है या नहीं।
विरोध के बाद पहुंची टीम
हालिया मामले में एक महिला ने मानव मंदिर प्रतिष्ठान से करीब 150 रुपये का मैंगो डेजर्ट खरीदा था, जिसके बाद उसमें तेज दुर्गंध आने की शिकायत सामने आई। इस घटना के बाद उपभोक्ता ने सीधे प्रतिष्ठान पहुंचकर विरोध दर्ज कराया और मामला खाद्य एवं औषधि प्रशासन तक पहुंचा। टीम ने मौके पर पहुंचकर खाद्य सामग्री के नमूने जब्त किए और जांच के लिए भेज दिए। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह कोई अकेली घटना नहीं है। कई दुकानों में समय-समय पर खराब गुणवत्ता की मिठाइयां, एक्सपायरी बिस्किट, खुले में रखे खाद्य पदार्थ और बिना मानक पैकिंग वाले उत्पाद मिलने की शिकायतें आती रही हैं। लेकिन अधिकांश मामलों में उपभोक्ता जागरूकता या औपचारिक शिकायत के अभाव में मामला आगे नहीं बढ़ पाता।
पहले भी सामने आ चुके हैं गंभीर मामले
इससे पहले भी कुछ प्रतिष्ठानों में एक्सपायरी खाद्य सामग्री पाए जाने पर विभागीय कार्रवाई कर उसे मौके पर ही नष्ट कराया गया था। इसके बावजूद बाजार में इस तरह की सामग्री की उपलब्धता पूरी तरह खत्म नहीं हो पाई है। इससे यह सवाल उठ रहा है कि आखिर नियमित निरीक्षण व्यवस्था कितनी प्रभावी है।
लाइसेंस और नियमों की अनदेखी के आरोप
स्थानीय स्तर पर यह भी चर्चा है कि कुछ दुकानदार खाद्य व्यवसाय से जुड़े वैध लाइसेंस के बिना या अधूरी प्रक्रिया के साथ संचालन कर रहे हैं। वहीं कई स्थानों पर स्वच्छता मानकों का पालन भी ठीक से नहीं किया जा रहा है। हालांकि प्रशासन की ओर से इस संबंध में जांच जारी है और किसी भी निष्कर्ष की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं की गई है।
उपभोक्ताओं में बढ़ी चिंता
लगातार सामने आ रही इन घटनाओं से आम उपभोक्ताओं में चिंता का माहौल है। लोगों का कहना है कि बाजार में बिकने वाले खाद्य उत्पादों की नियमित जांच होनी चाहिए और नियम तोड़ने वालों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए, ताकि लोगों के स्वास्थ्य से किसी प्रकार का समझौता न हो। खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग ने सभी शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए जांच तेज कर दी है। विभिन्न दुकानों से खाद्य नमूने लिए गए हैं जिन्हें प्रयोगशाला भेजा गया है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि रिपोर्ट आने के बाद यदि अनियमितता पाई जाती है तो संबंधित दुकानदारों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई और लाइसेंस निरस्तीकरण तक की कार्रवाई की जा सकती है।फिलहाल शहर में खाद्य सुरक्षा को लेकर बहस तेज है और निगरानी तंत्र की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं। उपभोक्ता यह जानना चाहते हैं कि क्या बाजार में मिल रहे खाद्य पदार्थ वास्तव में सुरक्षित हैं या केवल मुनाफे के लिए स्वास्थ्य मानकों की अनदेखी की जा रही है।