राजनांदगांव: छत्तीसगढ़ राज्य गठन के बाद अंतरराष्ट्रीय हाकी स्टेडियम और बहुद्देशीय खेल सुविधाओं वाले दिग्विजय स्टेडियम खिलाड़ियों को ऊंचाइयों तक पहुंचा रहे हैं। यही कारण है कि हाकी की नर्सरी कही जाने वाली संस्कारधानी अब खेल नगरी के रूप में भी अपनी पहचान बना रही है। हाकी के साथ क्रिकेट. बास्केटबाल, भारोत्तोलन और तीरंदाजी के बाद एथलेटिक में बड़ी संभावनाओं के बीच शहर के लगे ग्राम सुंदरा के मिनी स्टेडियम में एथलेटिक ट्रैक बिछाने का काम शुरू हो गया है। छत्तीसगढ़ राज्य गठन के बाद खेल सुविधाओं में विस्तार में यह बड़ी सौगात के रूप में देखी जा रही है।
लगभग 9.34 करोड़ रुपये की लागत वाले इस ट्रैक में कुल आठ लेन होंगे जिसकी लंबाई चार सौ मीटर होगी। एथलेटिक के जुड़े विविध इवेंट्स के प्रतिभावान खिलाड़ियों को वहां तराशा जाएगा। यह जिले में खेल सुविधाओं में विस्तार की प्रतिबद्धता की ओर नया कदम साबित होगा। वहां राज्य ही नहीं बल्कि राष्ट्रीय स्तर की खेल प्रतिभाओं को तकनीकी प्रशिक्षण व मार्गदर्शन मिलेगा। वर्ष 2027 में सर्वसुविधायुक्त मैदान में ट्रैक के साथ सभी आवश्यक व्यवस्थाएं जुटाने का दावा किया जा रहा है। इसी मैदान में एक हिस्से पर ऊंचीकूद व लंबी कूद के लिए भी अलग व्यवस्था रहेगी। साथ ही शौचालय, चेंजिंग रूम, रोशनी समेत खिलाड़ियों के लिए सभी आवश्यक सुविधा होगी। इसके अतिरिक्त शहर में पांच एकड़ क्षेत्रफल में क्रिकेट अकादमी, चिखली में सर्वसुविधायुक्त खेल मैदान (हाकी), अंतरराष्ट्रीय हाकी स्टेडियम में फ्लड लाइट व नया ब्लू एस्टोटर्फ, नया खेल परिसर समेत अन्य सुविधाओं के लिए शासन ने बजट प्रविधान कर रखा है। इन सबके पूरे हो जाने से खेल के क्षेत्र में संभावनाओं को नई दिशा मिलने की उम्मीद की जा रही है।
राज्य गठन के बाद मिली ये सौगातें
-एस्टोटर्फ वाला अंतरराष्ट्रीय हाकी स्टेडियम
-सर्वसुविधायुक्त दिग्विजय स्टेडियम का जीर्णोद्धार
-सुंदरा में आठ लेन का सिंथेटिक एथलेटिक ट्रैक
-दिग्विजय स्टेडियम परिसर में बास्केटबाल कोट
-खेलो इंडिया के तहत हाकी का लघु प्रशिक्षण केंद्र
--क्रिकेट अकादमी के लिए पांच एकड़ जमीन का आवंटन
चिखली में हाकी मैदान की घोषणा
-इन खेलों में भी सुविधाएं चाहते हैं खिलाड़ी
-बालक हाकी खिलाड़ियों के लिए अकादमी हो
-तीरंदाजी प्रशिक्षण के लिए केंद्र खोला जाए
-टेबल टेनिस के लिए पृथक से प्रशिक्षण केंद्र हो
-वेटलिफ्टिंग खिलाड़ियों के लिए प्रशिक्षण सुविधा मिले
-स्टेट व म्युनिस्पल स्कूल मैदान को मिनी स्टेडियम बनाया जाए
-फुटबाल अकादमी खोलकर बेहतर प्रशिक्षण की सुविधा जरूरी