Navratri 2024:- 9 अप्रैल से चैत्र नवरात्रों की शुरुआत हो रही है. पांच सालों बाद ऐसा संयोग बन रहा है कि इस बार प्रात:काल के बजाय दोपहर में घटस्थापना का सर्वश्रेष्ठ मुहूर्त होगा. ये मुहूर्त 50 मिनट के लिए होगा. इसके साथ ही खरीदारी के लिए पूरे नौ दिन विशेष योग भी बनने वाले हैं. आइए जानते हैं इसके बारे में.
इस बार चैत्र नवरात्र में पांच साल बाद ऐसा संयोग बनेगा
जब देवी आराधना के लिए 9 अप्रैल को घटस्थापना प्रात:काल के शुभ मुहूर्त की बजाय दोपहर के अभिजित मुहूर्त में होगी. इसके साथ ही इस दिन चैत्र शुक्ल प्रतिपदा को हिंदू नवसंवत्सर 2081 कालयुक्त संवत्सर की भी शुरुआत होगी. ज्योतिषाचार्य ने बताया कि घटस्थापना का अभिजित मुहूर्त सर्वश्रेष्ठ रहेगा, शास्त्रानुसार देवी आराधना के लिए घटस्थापना और पूजा के लिए प्रात:काल का समय सर्वश्रेष्ठ बताया है.
इस बार वैधृति योग दोपहर बाद 2.18 बजे तक होने के कारण घटस्थापना सुबह 11.54 बजे से दोपहर 12.44 मिनट तक अभिजीत मुहूर्त में ही सर्वश्रेष्ठ रहेगी. घटस्थापना के लिए 50 मिनट का मुहूर्त रहेगा. पहले ही दिन तीन राजयोग रहेंगे. आमेर स्थित शिला माता मंदिर में पुजारी बनवारीलाल शर्मा के सान्निध्य में दोपहर 12.05 बजे अभिजीत मुहूर्त में घटस्थापना होगी. घटस्थापना करना से घर की नकारात्मक ऊर्जा समाप्त होती है.
अश्व पर होगा देवी दुर्गा का आगमन
ज्योतिषाचार्य अमित व्यास के अनुसार चैत्र नवरात्र में घर, संपत्ति, वस्तु, वाहन, आभूषण खरीदारी फलदायी देने वाली होती है. देवी का आगमन अश्व पर होगा, प्रस्थान हाथी पर होगा. दुर्गापाठ, रामचरितमानस का पाठ भी विशेष फलदायी रहता है. मां के नौ रूपों में पहली शैलपुत्री, दूसरी ब्रह्मचारिणी, तीसरी चंद्रघंटा, चौथी कूष्मांडा, पांचवी स्कंध माता, छठी कात्यायिनी, सातवीं कालरात्रि, आठवीं महागौरी और नौवीं सिद्धिदात्री. ये मां दुर्गा के नौ रुप हैं