राजनांदगांव : धान का दाम 3358 रुपये प्रति क्विंटल करने, पिछले दो वर्षों की अंतर राशि और राजीव गांधी किसान न्याय योजना की चौथी किस्त का भुगतान करने सहित विभिन्न मांगों को लेकर प्रदेश किसान संघ दाम-सत्याग्रह तेज करेगा। कृषि उपज मंडी बसंतपुर में हुई बैठक में प्रदेश के 33 जिलों में प्रदर्शन और राजधानी तक पदयात्रा निकालने की रणनीति बनाई गई।
संघ ने इस वर्ष 3358 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी, पिछले दो वर्षों की अंतर राशि क्रमशः 117 और 186 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से भुगतान तथा न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की कानूनी गारंटी के लिए कानून बनाने की मांग की है। बैठक में बताया गया कि पांच अक्टूबर को राजधानी में मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा गया था। संघ के अनुसार, 13 सूत्रीय मांगों में हिस्सेदारों के एग्रीस्टैक पंजीयन की अनिवार्यता समाप्त करने की मांग स्वीकार होना आंदोलन की उपलब्धि है।
संघ ने खाद की कमी और कालाबाजारी, बिजली कटौती, फसल बीमा के लंबित दावों और प्राकृतिक आपदा प्रभावित किसानों को राहत देने जैसे मुद्दे भी उठाए। धान खरीदी केंद्रों में हमाली के नाम पर कथित अवैध वसूली के खिलाफ अभियान चलाने और बिना रसीद भुगतान नहीं करने किसानों को जागरूक करने का निर्णय लिया गया। लमटी फीडर परियोजना से प्रभावित लछना टोला के किसानों की समस्याओं के निराकरण के लिए समिति गठित की गई। संघ ने किसान पंचायत, नुक्कड़ सभा और जनसंपर्क के माध्यम से आंदोलन को गांव-गांव तक पहुंचाने की अपील की।