डोंगरगढ़ :- संविलियन के बाद शिक्षा विभाग में शामिल हुए शिक्षकों की पुरानी पेंशन और पूर्व सेवा गणना की मांग को लेकर छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन ने एक बार फिर आंदोलन का बिगुल फूंक दिया है। एसोसिएशन के प्रांतीय उपाध्यक्ष और संभाग प्रभारी शैलेंद्र यदु की अध्यक्षता तथा जिलाध्यक्ष गोपी वर्मा के आतिथ्य में आयोजित जिला स्तरीय बैठक में सर्वसम्मति से इस मुख्य मुद्दे पर हर मोर्चे से संघर्ष करने का बड़ा फैसला लिया गया।
एसोसिएशन के जिला अध्यक्ष गोपी वर्मा ने बैठक में बताया कि राजनांदगांव जिले के 66 शिक्षकों ने 17 जनवरी 2021 को माननीय उच्च न्यायालय (हाईकोर्ट) में पुरानी पेंशन को लेकर याचिका दायर की थी। इस संवेदनशील मामले में हाईकोर्ट की प्रथम पीठ (सिंगल बेंच) और डबल बेंच दोनों ने ही शिक्षकों के पक्ष में अपना महत्वपूर्ण निर्णय पारित किया है। इसके बावजूद छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा अब तक शिक्षकों के हित में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। सरकार की इसी वादाखिलाफी और बेरुखी को ध्यान में रखते हुए अब पीड़ित शिक्षकों ने न्याय के लिए माननीय उच्चतम न्यायालय (सुप्रीम कोर्ट) का दरवाजा खटखटाने का मन बना लिया है।
शिक्षक संगठन की इस महत्वपूर्ण बैठक में कानूनी लड़ाई के साथ-साथ जमीनी स्तर पर आंदोलन को गति देने की रणनीति बनाई गई। इस अवसर पर एसोसिएशन के पूर्व जिलाध्यक्ष शरद शुक्ला, जिला उपाध्यक्ष बृजेश वर्मावी, जिला कोषाध्यक्ष हंसकुमार मेश्राम, जिला मीडिया एवं आईटी सेल प्रभारी देवेंद्र साहू, जिला प्रवक्ता मनोज कुमार वर्मा और जिला महामंत्री राजेश कुमार साहू प्रमुख रूप से उपस्थित थे।
इसके साथ ही जिला सदस्य महेश उइके, राजनांदगांव ब्लॉक अध्यक्ष अनिल शर्मा, डोंगरगांव ब्लॉक सचिव किशन देशमुख, नरेश दुगकर, सुभाष पटेल, रेसुलाल सिन्हा, सोहन वर्मा, हुमन साहू, माधो साहू, संजीव गंधर्व, मनीष सोनी, जयंत यादव और उमेश टंडन सहित बड़ी संख्या में शिक्षक और संगठन के पदाधिकारी मौजूद रहे।