October 19, 2026


आधी रात काटते फिर सुबह होने के पहले खपा देते थे गौेवंशों का मांस

सीसीटीवी फुटेज से खुला गोवंश की हत्या का राज, महाराष्ट्र भी मांस भेजते थे

राजनांदगांव: गौरी नगर में आधी रात बेसहारा गोवंशों को काटने और उसका मांस खपाने वाले 11 आरोपितों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पूछताछ के बाद पुलिस ने बताया कि आधी रात को गोवंशों को काटा जाता था। सुबह होने से पहले उसका मांस खपा देते थे। पकड़ में आए लोगों में मांस खाने व उसे खपाने में शामिल थे। यह भी पता चला है कि गोवंशों का मांस नागपुर व महाराष्ट्र के अन्य शहरों में भी भेजा जाता है। इसकी पुष्टि के लिए पुलिस साक्ष्य जुटा रही है।

एक आरोपित अपचारी है। आरोपितों के पास से गोहत्या में प्रयुक्त दो सुत्ता, संटी और मोपेड जब्त किया है। मामले में पुलिस ने आरोपित नागपुर यशोधरा नगर हाल गौरी नगर निवासी 39 वर्षीय अब्दुल अलीम उर्फ कनवा, 35 वर्षीय अंजुम बेगम, गौरी नगर निवासी 19 वर्षीय सलमान खान, 20 वर्षीय मोहम्मद साकिर खान, गौरी नगर स्टेशन पारा निवासी 35 वर्षीय मोईन गौरी, कसाई पारा निवासी 39 वर्षीय आरिफ कुरैशी, गौरीनगर देवनगर निवासी 42 वर्षीय सलीम अख्तर, स्टेशन पारा निवासी सैय्यद नदीम व एक अपचारी बालक के खिलाफ पशुक्रूरता अधिनियम व आर्म्स एक्ट के तहत कार्रवाई कर न्यायालय में पेश किया, जहां से सभी आरोपितों को जेल दाखिल कर दिया गया है। इधर, सुरक्षा की द्ष्टि से पुलिस ने आरोपितों के निवास स्थान में सुरक्षाकर्मियों को तैनात कर दिया है।

सीसीटीवी फुटेज से आरोपितों तक पहुंची पुलिस

पता चला है कि गौरीनगर व स्टेशनपारा क्षेत्र में गोवंशों की हत्या का घिनौना खेल कई महीनों से चल रहा था। गोमांस खाने क्षेत्र में पार्टी भी चलती थी। घटना सामने आने के बाद क्षेत्र में जमकर आक्रोश देखा जा रहा था। पुलिस अपराध दर्ज कर मामले की जांच जुटी हुई थी। जांच के दौरान सीसीटीवी फुटेज में कुछ लोग रात के समय सड़क पर बैठे मवेशियों को अपने साथ ले जाते दिखाई दिए। फुटेज के आधार पर गौरीनगर निवासी अब्दुल अलीम उर्फ कनवा, उसकी पत्नी और बेटी की पहचान कर पूछताछ की गई। पूछताछ में गोवंशों को काटकर मांस बेचने तथा दोनों कटे सिर अंडरब्रिज और शीतला तालाब में फेंकने की बात सामने आई। तकनीकी साक्ष्य जुटाकर पुलिस तह तक पहुंचने में जुटी है।

जेल भेजने के पहले न्यायालय परिसर में हुई झड़प

गौरी नगर में गोवंशों की हत्या के मामले में आरोपितों के खिलाफ कार्रवाई के दौरान शनिवार को शहर में तनावपूर्ण स्थिति निर्मित हो गई। पुलिस ने आरोपितों का शहर में जुलूस निकाला और उनसे उठक-बैठक भी कराई। इसके बाद आरोपितों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। इस बीच आरोपितों को न्यायालय में पेश किए जाने की सूचना मिलते ही हिंदू संगठनों के पदाधिकारी वहां पहुंच गए। आरोपितों को कड़ी सजा देने की मांग को लेकर पहुंचे पदाधिकारी उन्हें देखते ही आक्रोशित हो गए। इस दौरान पुलिस और हिंदू संगठनों के पदाधिकारियों के बीच जमकर झड़प हुई। स्थिति को देखते हुए न्यायालय परिसर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। बड़ी संख्या में वर्दीधारी पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई थी। वहीं, किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए सिविल ड्रेस में भी पुलिसकर्मियों को तैनात किए गए थे।



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